डिजिटल अरेस्ट: दो लोगों से बेटों के दुष्कर्म में फंसाने की धमकी दे ठगे दो लाख

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ, अमृत विचार। साइबर जालसाजों ने खुद को क्राइम ब्रांच अधिकारी बताकर गुडम्बा और पीजीआई क्षेत्र में बेटे को दुष्कर्म के मामले में फंसा होने का झांसा देकर 2 लाख रुपये ठग लिए। ठगी का पता चलने पर पीड़ितों ने संबंधित थानों में प्रार्थना-पत्र देकर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।

गुडम्बा इंस्पेक्टर नितीश श्रीवास्तव के मुताबिक, क्षेत्र निवासी सुनील कुमार तिवारी कपूरथला स्थित निजी संस्थान में नौकरी करते हैं। सुनील ने बताया कि सोमवार को वह दफ्तर में थे। तभी अनजान नंबर से काल आई। फोनकर्ता ने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए कहा कि आपका बेटा दुष्कर्म के मामले में पकड़ा गया है। उसे बचाना हो तो दो लाख रुपये भेज दो। इससे उसका नाम दुष्कर्म के मामले से हटा दिया जाएगा। जालसाज ने भरोसा दिलाने के लिए एक वीडियो भेजी, जिसमें तीन युवक पुलिस जीप में बैठे दिख रहे हैं। डर कर सुनील कुमार ने सहयोगी नीरज श्रीवास्तव को फोन कर मदद मांगी। जालसाजों द्वारा दिए गए नंबरों पर नीरज से रुपये भेजने के लिए निवेदन किया। नीरज श्रीवास्तव ने दोस्त से मिले नंबर पर तीन बार में 1.60 लाख रुपए भेज दिए। सुनील ने घर पर फोन किया, तो पत्नी ने बेटे के घर पर होने की बात कही। ठगी का पता चलने पर पीड़ित ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है। 

उधर, पीजीआई के रायबरेली रोड स्थित वृन्दावन कालोनी निवासी अमित पाल के मुताबिक सोमवार को उनके पिता के पास व्हाट्सअप कॉल आई । फोनकर्ता ने खुद को पुलिस अधिकारी बता छोटे बेटे को गैंगरेप मामले में गिरफ्तार किये जाने की बात कही। छोटा भाई दिल्ली में नौकरी करता है। फोन आने से पिता घबरा गए। उन्होंने डर कर बेटे को बचाने के लिये बताये गये नंबर पर 40 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिया। जब भाई को फोन मिलाया, तो पता चला कि वह अपने कमरे पर है। ठगी का अहसास होने पर बुजुर्ग ने बड़े बेटे को मामला बताया। तब पीजीआई थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।

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