योग से संभग है अनिद्रा का उपचार, लखनऊ यूनिवर्सिटी में सेमिनार का आयोजन
लखनऊ, अमृत विचारः लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय के संरक्षण एवं निर्देशन में दसवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2024 मनाने के क्रम में फैकल्टी के योग हाल में अनिद्रा का योगिक प्रबंधन नामक सेमिनार का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य वक्ता अर्चना वर्मा ने अपने संबोधन में बताया कि अनिद्रा का तात्पर्य सही से नींद ना आना है, जिसका प्रमुख कारण जीवन शैली का अस्त-व्यस्त होना तथा सदैव तनाव में रहने के कारण होता है।
तनाव है बड़ी वजह
यह एक प्रकार का विकार है इसके प्रमुख रूप से दो प्रकार होते हैं। एक्यूट इनसोम्निया और क्रॉनिक इनसोम्निया। एक्यूट इनसोम्निया की समस्या कुछ दिनों या हफ्तों के लिए होती है। इसका प्रमुख कारण कार्य के प्रति दबाव महसूस करना, पारिवारिक चिंता, कोई अप्रिय घटना के कारण होती है। वहीं क्रॉनिक इनसोम्निया में घातक रूप धारण कर लेती है। इसके प्रमुख कारणों में मादक पदार्थों, तंबाकू या कोकीन के सेवन से होती है, यह समस्या एक महीने या उससे अधिक समय होने के कारण उत्पन्न होती है। अनिद्रा के समय शरीर से निकलने वाला मेलाटोनिन हार्मोन कम हो जाता है। जिस कारण व्यक्ति में नींद का विकार उत्पन्न हो जाता है, इसके उपचार के लिए विपरीतकर्णी आसन, हलासन, सर्वांगासन, शीर्षासन आदि का अभ्यास करना चाहिए साथ ही सीत्कारी, शीतली प्राणायाम लाभकारी होता है। योग निद्रा का अभ्यास के द्वारा अनिद्रा के विकार को ठीक किया जा सकता है।
फैकल्टी के कोऑर्डिनेटर डॉ. अमरजीत यादव ने बताया कि नींद लाने वाले हार्मोन जो सेरोटोनिन नमक हारमोंस है आसनों का अभ्यास करने से शरीर में संतुलित मात्रा में स्रावित होता है और अनिद्रा का विकार दूर किया जाता है,उचित जीवन शैली पौष्टिक आहार के सेवन से व्यक्ति शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से स्वस्थ रहता है। मानसिक तनाव से आसानी से छुटकारा प्राप्त कर अनिंद्र के विकार से छुटकारा प्राप्त किया जा सकता है।
इस अवसर पर अधिष्ठाता प्रो. अशोक कुमार सोनकर, डॉ. रामकिशोर, डॉ. रामनरेश, शोभित सिंह व छात्र एवं छात्राएं उपस्थि थे।
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