एक्शन से भाव निकाल दें तो 'आइटम-1' बनकर रह जाएगा : कबीर खान 

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Edited By Amrit Vichar
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नई दिल्ली। फिल्म निर्देशक कबीर खान का कहना है कि अगर एक्शन को भावों से अलग कर दिया जाये तो यह फिल्म के प्रचार का सिर्फ एक हिस्सा बनकर रह जाएगा, ठीक 'आइटम नंबर' की तरह। कबीर ने अपनी हालिया रिलीज फिल्म 'चंदू चैंपियन' में आठ मिनट लंबे लड़ाई के दृश्य को लेकर यह बात कही। इस बात की बहुत चर्चा हो रही है कि आठ मिनट का यह दृश्य केवल एक्शन दिखाने के बजाय कहानी की ‘भावनात्मक नाटकीयता’ को भी दर्शाता है। इस संबंध में खान ने कहा कि उन्होंने यह दृश्य कश्मीर की अरु घाटी में समुद्र तल से नौ हजार फुट ऊपर फिल्माया है। चार दिन के पूर्वाभ्यास के बाद फिल्म के इस हिस्से की शूटिंग एक दिन में पूरी कर ली गयी, जिसमें फाइटर जेट, बम विस्फोट और लड़ाई के कई दृश्य शामिल हैं। 

उन्होंने कहा, ''मेरा हमेशा से मानना ​​रहा है और मैंने अपनी पिछली एक्शन फिल्मों में भी यही किया है कि सिर्फ और सिर्फ एक्शन कभी भी कारगर नहीं होता, यह ‘आइटम नंबर’ बन जाता है। एक्शन तब कारगर होता है जब फिल्म की कहानी की भावनात्मक नाटकीयता उसके साथ आगे बढ़े।'' खान ने यहां 'पीटीआई-भाषा' को दिए साक्षात्कार में कहा, ''एक्शन की शुरुआत होने से एक्शन के खत्म होने तक कहानी आगे बढ़नी चाहिए और इस फिल्म ('चंदू चैंपियन') में यह बहुत ज्यादा है। फिल्म की कहानी में यह सबसे महत्वपूर्ण पहलू है।'' 

भारत के पहले पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता मुरलीकांत पेटकर के जीवन से प्रेरित 'चंदू चैंपियन' में कार्तिक आर्यन मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। यह किरदार भारतीय सेना के एक सिपाही, एक पहलवान, एक मुक्केबाज, 1965 के युद्ध के एक पूर्व सैनिक और एक तैराक सहित कई हिस्सों में दिखाई देगा। 'एक था टाइगर', 'बजरंगी भाईजान', '83' और 'काबुल एक्सप्रेस' के निर्देशन के लिए मशहूर खान ने कहा कि बिना कट के आठ मिनट के इस दृश्य को फिल्माने का मुख्य कारण अपने नायक के करीब रहना और उसकी आंखों से घटनाओं को देखना था। 'चंदू चैंपियन' का निर्माण नाडियाडवाला ग्रैंडसन एंटरटेनमेंट और कबीर खान फिल्म्स ने किया है। 

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