Good news: दो माह में पंत स्पोर्ट्स स्टेडियम में संवारे जाएंगे खिलाड़ी, जल्द होगा विभाग को हैंडओवर
करीब चार साल से स्टेडियम संचालन की बांट जोह रहे खिलाड़ी, 6.31 करोड़ रुपये से संवारा गया है इकलौता पंत स्पोर्ट्स स्टेडियम
मनोज कुमार मिश्र/सुलतानपुर, अमृत विचार। परिस्थितियां अनुकूल रही तो अगले दो माह में बहुप्रतिक्षित पंत स्पोर्ट्स स्टेडियम में विभिन्न खेलों के खिलाड़ी अभ्यास करते नजर आएंगे। करीब चार साल से स्टेडियम के संचालन की बांट जोह रहे खिलाड़ियों को 6.31 करोड़ रुपये से पूरी तरह कायाकल्प होकर स्टेडियम मिलने वाला है। मुख्य मैदान में घास कटिंग और समतलीकरण का ही काम शेष बचा है। इसके बाद विभाग को हैंडओवर हो जाएगा।
दो नवंबर 2020 को पंत स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचे प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और खेल संघों की मांग पर खेल निदेशक आरपी सिंह से स्टेडियम के जीर्णोद्धार कराने का फरमान सुनाया था। खेल विभाग की ओर से बनाए गए एस्टीमेट में बाउंड्रीवाल, दो गेट, नाली की ड्रेनेज व्यवस्था, वाकर्स पथ, चेंज रूम, तरणताल का मरम्मतीकरण, 50 हजार लीटर की क्षमता पानी का टैंक, 10 हार्सपावर का सबमर्सिबल, बहुउद्देशीय हाल, हैंडबाल मैदान, मुख्य खेल मैदान आदि कार्य शामिल हैं। इसके लिए पहले चार करोड़ 99 लाख 64 हजार रुपये का बजट भी निर्धारित किया गया था। कई बार रिवाइज होने के बाद 6.31 करोड़ तक कार्य की धनराशि बढ़ाई गई। शासन ने यूपी सिडको को कार्यदायी संस्था नामित किया था। स्टेडियम जीर्णाेद्धार कार्य की गति धीमी होने के कारण खिलाड़ियों का इंतजार बढ़ता गया। कई बार कार्यदायी संस्था को नोटिस दी गई और काम पूरा करने का समय बढ़ा बढ़ाकर निर्धारित किया गया, लेकिन लापरवाही का आलम यह रहा कि चार साल में भी काम पूरा नहीं हो सका। अब लगभग काम पूरा हो गया हैं। मुख्य मैदान की घास बढ़ गई है। जिसकी कटाई करके मैदान का लेबल सही करने का कार्य शेष है। उम्मीद है कि यह कार्य दो माह में पूरा हो जाएगा।
अब अगले सत्र से शुरू होगा तरणताल
जीर्णोद्धार कार्य में तरणताल का कार्य ही मुख्य बाधा बना है। अब भी स्वीमिंग पुल में कई कमियां है। इसमें दो तरह की टाइलीकरण, वाटर लेबल सही न होना, छह की जगह पांच लेन का होने समेत कई अन्य कमियां है। इसके लिए कार्यदायी संस्था को नोटिस थमाई गई है। यदि यह कार्य तेजी से किया जाए तो एक से डेढ़ माह का समय लगेगा। पूरा काम होने के बाद ही विभाग हैंडओवर लेगा।
विभाग ने नियुक्त किए है इन खेलों के कोच
खेल निदेशालय की ओर से हैंडबाल में एनआईएस कोचच प्रवीन कुमार मिश्र को नियुक्त किया है। इस खेल में 25 खिलाड़ी पंजीकृत है। कुश्ती में मारुति नंदन कोच है। इसमें पंजीकृत 30 खिलाड़ी अभ्यास कर रहे हैं। वालीवॉल में प्रदीप यादव प्रशिक्षक है। इस गेम में 40 खिलाड़ी पंजीकृत है। फुटबाल में आशुतोष कुमार एनआईएस प्रशिक्षक है। इस खेल में भी 40 खिलाड़ी पंजीकृत है। खेलो इंडिया का टेबल टेनिस गेम का सेंटर संचालित हो रहा है। इसकी प्रशिक्षक शमा बनो है और 30 खिलाड़ी पंजीकृत है। इसके अलावा तैराकी का प्रशिक्षक खुद जिला क्रीड़ाधिकारी सर्वेंद्र सिंह चौहान है। जीवन रक्षक के पद पर पुलक कुमार डे तैनात है। तरणताल को छोड़कर अन्य गेम का कैंप चल रहा है।
खेल विभाग ने इस तरह निर्धारित की फीस
- बैडमिंटन गेम में 18 वर्ष तक के खिलाड़ियों के लिए 560 रुपये सालाना, इसमें 500 रुपये प्रोत्साहन शुल्क और 60 रुपये विभागीय शुल्क
- 18 वर्ष के ऊपर शौकिया खिलाड़ियों के लिए 1000 प्रोत्साहन शुल्क और 350 रुपये मासिक शुल्क निर्धारित है
- बैडमिंटन छोड़कर अन्य गेम के लिए 18 वर्ष से कम आयु वर्ग के बच्चों के लिए 160 रुपये सालाना, इसमें 100 रुपये प्रोत्साहन शुल्क, 60 रुपये विभागीय शुल्क
- 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लिए शौकिया खिलाड़ियों व स्टेडियम में प्रवेश लेने वालों के लिए 410 प्रति माह शुल्क निधारित है। इसमें 200 रुपये प्रोत्साहन, 200 विभागीय शुल्क और 10 रुपये आवेदन फार्म के लिए देना होगा।
वर्जन-
अब बिना पंजीयन और आईडी कार्ड के स्टेडियम में किसी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। शासन और डीएम के अनुमोदन के बाद फीस निर्धारित कर दी गई है। कार्य पूरा करने के लिए कार्यदायी संस्था को नोटिस दी गई है। काम पूरा होने के बाद दो माह में स्टेडियम हैंडओवर लेने का प्रयास किया जा रहा है। - सर्वेंद्र सिंह चौहान, जिला क्रीड़ाधिकारी, सुलतानपुर
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