मुरादाबाद कंटेनर नहीं आने दे रहे बड़े निर्यातक, खड़ा हुआ संकट

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Edited By Amrit Vichar
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मुरादाबाद,अमृत विचार। निर्यात क्षेत्र में कंटेनर संकट खत्म नहीं हो रहा है। बड़े निर्यातक इंपोर्ट हो रहे कंटेनर को मुरादाबाद आने ही नहीं दे रहे। उन्हें दादरी, मुंबई व अन्य जगहों पर खाली करवा लिया जा रहा है। इससे मुरादाबादी निर्यातकों में सबसे ज्यादा समस्या छोटे निर्यातकों के सामने आ खड़ी हुई है। उनका माल …

मुरादाबाद,अमृत विचार। निर्यात क्षेत्र में कंटेनर संकट खत्म नहीं हो रहा है। बड़े निर्यातक इंपोर्ट हो रहे कंटेनर को मुरादाबाद आने ही नहीं दे रहे। उन्हें दादरी, मुंबई व अन्य जगहों पर खाली करवा लिया जा रहा है। इससे मुरादाबादी निर्यातकों में सबसे ज्यादा समस्या छोटे निर्यातकों के सामने आ खड़ी हुई है। उनका माल पैक किया हुआ फैक्ट्री में रह जा रहा है और कंटेनर उन्हें नहीं मिल पा रहे हैं। इस संकट से परेशान निर्यातकों ने बुधवार को वेबिनार के जरिए लॉजिस्टिक अंडर सेकेट्री एके श्रीवास्तव को घेरा। साथ ही जो कंटेनर मुरादाबाद आईसीडी के बजाय कही और रोक लिए जा रहे हैं, इस पर प्रतिबंध लगाने की मांग की।

एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट्स (ईपीसीएच) के तत्वावधान में एक वेबिनार आयोजित किया गया। ईपीसीएच के अधिकारी, देश भर के कई निर्यातकों के साथ मुरादाबादी निर्यातक भी शामिल रहे। वेबिनार में लॉजिस्टिक उप सचिव एके श्रीवास्तव के सामने मुरादाबाद के निर्यातकों ने कंटेनर की समस्या को उठाया।

कहा गया कि पीतल नगरी के छोटे निर्यातक कंटेनर प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं। कोविड संकट के कारण आर्डर प्रभावित हुए हैं। जो मिल गए हैं, उनकी सप्लाई कंटेनर संकट के कारण बनी हुई है। निर्यातकों ने इसकी अहम वजह बताते हुए कहा कि मुरादाबाद मंडल में पेपर मिल हैं, जिनके 500 कंटेनर इंपोर्ट होते हैं। पर यह कंटेनर दादरी, मुंबई व अन्य आईसीडी पर ही उतरा लेते हैं। मुरादाबाद आईसीडी आने ही नहीं देते। अब बड़े निर्यातक अधिक किराया देकर उन कंटेनर पर कब्जा कर लेते हैं। जो छोटे निर्यातक हैं, उनको कंटेनर मिल ही नहीं पाते हैं। लॉजिस्टिक उप सचिव से अपील की गई कि दादरी व अन्य आईसीडी पर खाली होने वाले कंटेनर पर प्रतिबंध लगाते हुए मुरादाबाद आईसीडी तक कंटेनर लाने के निर्देश दिए जाने चाहिए। इस दौरान ईपीसीएच के ईडी आरके वर्मा भी मौजूद रहे।

घटना चाहिए इंपोर्ट का रेट
निर्यातकों ने इंपोर्ट के रेट को घटाने की मांग की है। उनका कहना है कि माल कम इंपोर्ट हो रहा है। ऐसे में खाली कंटेनर के इंपोर्ट की भी जरूरत बढ़ी है। पर इनके रेट ज्यादा कर दिए गए हैं, इससे महंगाई बढ़ गई है। इंपोर्ट रेट घटेंगे तो निर्यातकों को इसका लाभ मिलेगा। कंटेनर कंपनियों को रेट कम करने के लिए सरकार को दबाव बनाना चाहिए।

20 फिट के कंटेनर के बढ़ गए दाम
कहां (निर्यात) किराया
गल्फ देश 1200
यूरोपीय देश 2000
यूएसए के देश 4500

महासचिव, एमएचईए अवधेश अग्रवाल ने बताया कि मुरादाबाद के 20 किमी के अंदर पेपर मिलों के इंपोर्ट कंटेनर शिपिंग लाइन मुरादाबाद आईसीडी न लाकर दादरी व अन्य जगह अपने वेयर हाउस पर उतारे जा रहे हैं। इनके 500 कंटेनर तक आते हैं। यदि ये मुरादाबाद पहुंचे तो इसका लाभ यहां के छोटे हरस्तशिल्पियों को मिल सकेगा। 20 फिट के कंटेनर पर कंपनियों ने रेट बढ़ा दिए, यह कम होना चाहिए। कोविड संकट में सरकार को इन कंपनियों व मिलों की इस मनमानी पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है।

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