बरेली: तीन सौ बेड अस्पताल में हैंडपंप से पानी खींच रहे हैं डॉक्टर
जलस्तर नीचे चले जाने से संकट, चौथे दिन भी ठीक नहीं हो पाया बोरिंग
बरेली, अमृत विचार। तीन सौ बेड अस्पताल में पानी का संकट चार दिन से बरकरार है। यहां आवासों में रहने वाले डॉक्टरों और कर्मचारियों के परिवारों के लिए परिसर में लगा एकमात्र हैंडपंप ही पानी की जरूरत पूरी करने का सहारा रह गया है, जिस पर दिन भर लाइन लगी रहती है। कुछ डॉक्टर भी इसी हैंडपंप से काम चला रहे हैं तो कुछ पानी की सप्लाई बहाल होने तक कहीं और रहने चले गए हैं।
अस्पताल में पानी की जरूरत पूरी करने के लिए मोटर लगी हुई थी जो कुछ दिन पहले भूगर्भ जलस्तर नीचे चले जाने से पानी नहीं खींच पा रही है। नगर निगम के जलकल विभाग ने बोरिंग और गहरा कर दो और पाइप डालने को कहा था लेकिन अब तक यह काम नहीं हुआ है। कर्मचारियों का आरोप है कि भीषण गर्मी में तमाम परिवार बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं लेकिन प्रभारी सीएमएस इसके बावजूद उनकी समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
उनका कहना है कि पानी न मिलने से उनके रोजमर्रा के काम नहीं हो पा रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी महिला कर्मचारियों को झेलनी पड़ रही है। खाना बनाने और पीने के लिए तक पानी बाजार से खरीदकर लाना पड़ रहा है। बोरिंग गहरा कराना कुछ घंटे का काम है लेकिन इसके लिए टालमटोल की जा रही है।
भूगर्भ जलस्तर गिरने से पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है। बोरिंग गहरा कराने के लिए बात कर ली है। बकरीद के कारण सोमवार को यह काम नहीं हो पाया। मंगलवार सुबह हो जाएगा - डॉ. सतीश चंद्रा, प्रभारी सीएमएस, तीन सौ बेड अस्पताल
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