अयोध्या: पात्रता सूची में नाम होने के बाद भी डेढ़ दशक में तीन ग्राम प्रधान न दिला सके आवास
बड़ागांव/अयोध्या, अमृत विचार। शासन की गरीबों को आवास योजना सोहावल विकास खंड के अधिकारियों और ग्राम प्रधानों की अनदेखी की भेंट चढ़ गई है। यहां एक ही ग्राम सभा के तीन तीन पात्र गरीब परिवार डेढ़ दशक के बाद भी छप्पर में जीवन व्यतीत करने पर मजबूर हैं। जिसकी शिकायत करने के बाद भी कोई कवायद नहीं हुई।
मामला सोहावल विकासखंड क्षेत्र के ग्राम सभा सारंगापुर से जुड़ा हुआ है। यहां की निवासी राधा पत्नी शिव हरख भूमिहीन तथा पेशे से मजदूर है। चार छोटी छोटी बेटी और एक बेटे के साथ किसी तरह मजदूरी कर जीवन यापन करते है। जिनकी आवासीय योजना की पात्रता सूची में नाम होने के बाद भी ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के साथ संबंधित अधिकारी एवं ग्राम प्रधान के अनदेखीपूर्ण रवैयै से लगभग 15 साल से लाभ नहीं मिल पाया।
परिवार गांव के बाहर जंगल मे जहरीले जीव जंतुओं के बीच एक छप्पर में गुजरा कर रहे हैं। इसी प्रकार से दूसरा मामला इसी ग्रामसभा के मजरे विसौली निवासी पवन दुलारी पत्नी संतोष कुमार भूज और रौशनी पत्नी राजकुमार भूज का है। फेरी लगाकर जीवन बसर करने वाला परिवार विकास खंड की मनमानी के कारण सूची में नाम के साथ सर्वे भी नहीं हुआ।
लेकिन सर्वेयर तथा ग्राम प्रधान की मनमानी के कारण योजना से वंचित कर दिया गया। ब्लाक में बैठे अधिकारी कर्मचारियों के शासन की मंशा के विपरीत काम करने के कारण कोई सुनवाई नही हुई। बरसात के दौरान दूसरे के घरों में इन्हें शरण लेना पडता है।
मौजूदा प्रधान राम चंदर रावत ने सभी आरोप को खारिज करते हुए तीनों परिवार के गरीबी रेखा में आने की पुष्टि की लेकिन योजना से वंचित होने के कारणों की कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे सके। खंड विकास अधिकारी भावना यादव ने बताया पात्रता है तो जांच कराई जाएगी और योजना का लाभ दिया जाएगा।
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