बरेली: ओडीएफ के बाद अब ग्रामीण कचरा प्रबंधन पर होगा जोर

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण (एसबीएमजी) के दूसरे चरण में शौचालयों के निर्माण के बाद अब ग्राम पंचायतों में ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन पर जोर रहेगा। केंद्र सरकार ने वैसे तो इसी साल चार मार्च को ही दूसरे चरण की शुरुआत कर दी थी लेकिन कोरोना संक्रमण की वजह से अब जाकर …

बरेली, अमृत विचार। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण (एसबीएमजी) के दूसरे चरण में शौचालयों के निर्माण के बाद अब ग्राम पंचायतों में ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन पर जोर रहेगा। केंद्र सरकार ने वैसे तो इसी साल चार मार्च को ही दूसरे चरण की शुरुआत कर दी थी लेकिन कोरोना संक्रमण की वजह से अब जाकर इसे धरातल पर उतारने की तैयारी शुरू हो सकी है।

अफसरों के मुताबिक, जनपद जिस प्रकार खुले में शौच मुक्त हुआ है उसी प्रकार गंदगी मुक्त भी किया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत गांवों में सूखे और गीले कचरे का प्रबंधन होगा। इसके लिए दूसरे चरण में जो व्यवस्था लागू की गई उसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई परिवार ऐसा न हो जिसके घर में शौचालय न हो। इसके अलावा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्रभावी ठोस और तरल कचरा स्थापित हो।

दूसरा चरण 2020-21 से 2024-25 तक मिशन मोड में लागू किया जाएगा। इतना ही नहीं सभी ग्राम पंचायतों और राजस्व ग्रामों में शौचालय विहीन पात्र परिवार को चिह्नित कर सूची तैयार करने के निर्देश हैं ताकि पात्र परिवारों को ही लाभ मिल सके। विभाग ने इसे लेकर तैयारी शुरू कर दी है।

12 हजार रुपये का मिलेगा अनुदान
अनुदान के रूप में व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रुपये नए पात्र परिवारों को दिए जाएंगे। ऐसे परिवारों, व्यक्तिगत लाभार्थियों के आधार नंबर सहित अन्य विवरण भारत सरकार की वेबसाइट पर अनिवार्य रूप से अपलोड किए जाएंगे। इसके अलावा ग्राम पंचायतों को ग्रामीण स्तर पर सामुदायिक स्वच्छता परिसर के निर्माण (सीएमएससी) के लिए वित्तीय सहायता को दो लाख से बढ़ाकर तीन लाख रुपये कर दिया गया है।

अपशिष्ट प्रबंधन के लिए होगा सर्वे
एसबीएमजी-2 के दूसरे चरण में ग्राम पंचायतों में जल निकासी एवं कचरा प्रबंधन पर सबसे ज्यादा जोर रहेगा। इसके लिए जल्द ही सर्वेक्षण कर डाटा बैंक बनाया जाएगा ताकि योजना बनाकर क्रियान्वयन कराया जा सके। निर्मित सामुदायिक परिसंपत्तियों की प्रगति भारत सरकार के विकसित किए गए नए मोबाइल एप पर जांची जाएगी।

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