बरेली: फसल का मुआवजा न मिला तो किसानों ने आवास-विकास के एक्सईएन को घेरा, धोखे का आरोप लगाकर हंगामा

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सीबीगंज, अमृत विचार: आवास-विकास की परसाखेड़ा आवासीय परियोजना के लिए लैंड पूलिंग स्कीम में अपनी जमीन देने वाले किसान अपनी फसल का मुआवजा न मिलने से शुक्रवार को भड़क गए। गुस्साए किसानों अधिशासी अभियंता काे घेरकर जमकर हंगामा किया और धोखा करने का आरोप लगाते हुए परियोजना के लिए जमीन देने से इन्कार कर दिया। अधिशासी अभियंता ने 15 दिन के अंदर मुआवजा खातों में भेजने का भरोसा दिलाया तो किसान शांत हुए।

आवास-विकास परिषद बरेली में अब तक की सबसे बड़ी परसाखेड़ा आवासीय परियोजना बनाने जा रहा है जिसके लिए टियूलिया, धंतिया, हमीरपुर, बोहित, मिलक इमामगंज, फरीदापुर रामचरण, बल्लिया समेत सात गांव की 561 हेक्टेयर जमीन ली जानी है।

पहले चरण में लैंड पूलिंग स्कीम के तहत टियूलिया, धंतिया की 149 हेक्टेयर जमीन पर परियोजना विकसित की जा रही है। इस स्कीम के तहत 238 किसानों ने जमीन देने की सहमति दी थी लेकिन सिर्फ 22 किसानों को चार माह के फसल मुआवजे का पैसा खातों में भेजा गया है। मार्च के बाद इन किसानों को भी कोई मुआवजा नहीं दिया गया है।

इस पर गुस्साए किसान शुक्रवार को आवास-विकास परिषद के खंड कार्यालय पहुंच गए। यहां अधिशासी अभियंता नवीन वर्मा और एई पंकज गुप्ता को घेरकर उन्होंने जमकर हंगामा किया। कहा, आवास-विकास परिषद उनके साथ धोखा कर रहा है। अब वह अपनी जमीन उसे नहीं देंगे।

करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद अधिशासी अभियंता के 15 दिन के अंदर खातों में मुआवजे का पैसा डालने के आश्वासन पर किसान शांत हुए। अधिशासी अभियंता ने बताया कि आचार संहिता के कारण मुख्यालय से बजट रिलीज नहीं हो सका था जो इसी महीने आ जाएगा। इसके बाद मुआवजे की रकम किसानों के खातों में डाल दी जाएगी।

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