Bareilly News: हत्या की साजिश के खुलासे के बाद जज ने शासन से की सुरक्षा की मांग

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। ज्ञानवापी केस की सुनवाई के बाद कट्टरपंथी इस्लामिक संगठनों से धमकी मिलने पर बरेली सेशन कोर्ट मे तैनात अपर जिला जज रवि कुमार दिवाकर जिला जज के जरिए प्रदेश के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर समुचित सुरक्षा मांगी है।

जज रवि कुमार दिवाकर ने इस पत्र में बताया है कि बनारस मे तैनाती के दौरान भी उन्हें इस्लामिक आगाज मूवमेंट का धमकी भरा पत्र मिलने पर उन्होंने 8 जून 2022 को केस दर्ज कराया था। 

इस संगठन ने पत्र में उन्हें काफिर और बुतपरस्त हिंदू न्यायाधीश बताते हुए कहा था कि विवादित भारत का मुसलमान अच्छी तरह जानता है कि वह ज्ञानवापी मस्जिद को उग्रवादी हिंदुओं के पोषक, नरसंहारक और भारत के उग्रवादी प्रधानमंत्री के दबाव में मंदिर घोषित कर देंगे और मुगलों को आततायी लुटेरा बता देंगे। उग्रवादी संगठन आरएसएस और तमाम अनुषांगिक उग्रवादी संगठनों के साथ मोदी ने गुजरात की तरह यूपी में दंगा कराने की साजिश रच ली है।

बता दें कि बृहस्पतिवार को ही लखनऊ सेशन कोर्ट के जज विवेकानंद शरण त्रिपाठी की ओर से भी हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल, प्रमुख सचिव गृह, डीजीपी को पत्र भेजकर इस्लामिक कट्टरपंथियों की ओर से जज रवि कुमार दिवाकर की हत्या की साजिश की जानकारी दी थी। पत्र में बताया गया था कि इंस्टाग्राम पर जज रवि कुमार दिवाकर के फोटो के साथ धमकी पोस्ट करने वाले भोपाल के अदनान खान को एटीएस ने गिरफ्तार किया, जिससे इस साजिश के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।

शाहजहांपुर में तैनात जज भाई की सुरक्षा वापस लेने का भी जिक्र
जज रवि कुमार दिवाकर ने मुख्य सचिव को लिखे पत्र में शाहजहांपुर में तैनात सिविल जज सीनियर डिविजन एफटीसी के पद पर तैनात अपने छोटे भाई दिनेश कुमार दिवाकर की सुरक्षा वापस ले लिए जाने का भी जिक्र किया है। कहा है कि उनके भाई को शासनादेश के तहत सुरक्षा प्राप्त थी लेकिन एसपी शाहजहांपुर अशोक मीना ने मई में निजी रंजिश के कारण उनकी सुरक्षा वापस ले ली। क्योंकि उनके भाई ने न्यायिक मजिस्ट्रेट रहते विवेचकों की ओर से प्रस्तुत कई प्रार्थनापत्र निरस्त किए थे।

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