UP: प्रश्नपत्र लीक मामले में गिरफ्तार अभियुक्तों पर नहीं पड़ेगा अध्यादेश का प्रभाव, जानें वजह

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Edited By Amrit Vichar
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आगामी होने वाली परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक कराने पर मिलेगी गंभीर सजा, आरओ-एआरओ एवं सिपाही भर्ती परीक्षा प्रश्नपत्र लीक कराने में अब तक 300 आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार

लखनऊ, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अध्यादेश-2024 को प्रदेश सरकार ने मंजूरी तो दे दी, लेकिन इसका प्रभाव पूर्व की परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों को लीक करने वाले अभियुक्तों पर नहीं पड़ेगा। आरओ-एआरओ एवं सिपाही भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक करने वाले सभी 300 अभियुक्तों के खिलाफ पूर्व के कानूनों की तहत की कार्रवाई होगी। कानूनविदों का कहना है कि आने वाले दिनों में जो परीक्षाएं होंगी उसमें अपराध कारित करने पर अध्यादेश के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।

बताते चलें कि प्रदेश में आयोजित होने वाली सार्वजनिक परीक्षाओं को कराना राज्य सरकार के लिए चुनौती बनती जा रही थी। प्रश्न पत्र लीक होने के कारण सरकार को कई परीक्षाओं को निरस्त करना पड़ा। अब प्रश्न उठता है कि अध्यादेश लागू होने के बाद क्या आरओ-एआरओ परीक्षा एवं सिपाही भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्रों को लीक कराने वाले इस कानून के तहत सजा पाएंगे? इस पर सरकारी कार्यालयों में पूरे दिन मंथन होता रहा।

हालांकि इस प्रकरण पर कानूनविदों का कहना है कि इस अध्यादेश से उन अभियुक्तों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्हें पूर्व के कानूनों के तहत ही सजा दी जाएगी। हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अंशुमान सिंह ने बताया कि आगामी जो भी परीक्षाएं होंगी इसमें किसी भी प्रकार का अपराध कारित होने पर अध्यादेश के मुताबिक सुनवाई होगी और सजाएं होंगी।

उन्होंने बताया कि सरकार का यह फैसला बहुत ही दूरगामी और सराहनीय है। बताते चलें कि आरओ-एआरओ परीक्षा और सिपाही भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक कराने वालों में अब तक 300 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। जिसमें 17 आरोपी मास्टरमाइंड की श्रेणी में हैं। हालांकि पुलिस सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।

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