प्रतापगढ़: बीडीओ समेत अधिकारियों पर गबन का आरोप

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Edited By Muskan Dixit
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HIGHLIGHT

-पंचायत भवन निर्माण में गबन

-पंचायत सचिव पर कार्रवाई के बाद मची खलबली

-पूर्व ग्राम प्रधान ने अफसरों को दिया प्रार्थना पत्र, जांच कर दोषियों पर की कार्रवाई की मांग

प्रतापगढ़, अमृत विचार: विकासखंड सांगीपुर के खानीपुर में पंचायत भवन निर्माण कार्य का धन गबन करने में सचिव के निलंबन के बाद मामला तूल पकड़ लिया है। पूर्व ग्राम प्रधान ने स्वयं को निर्दोष बताते हुए सीडीओ, डीपीआरओ को शिकायती पत्र देकर बीडीओ, एडीओ पंचायत समेत दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

विकासखण्ड सांगीपुर के खानीपुर ग्राम पंचायत के पूर्व ग्राम प्रधान बृजेश कुमार ने सीडीओ और डीपीआरओ को एक प्रार्थना पत्र दिया। बताया कि गांव के पंचायत भवन के निर्माण का पुनः सत्यापन कर सम्बन्धित दोषियों पर कार्रवाई की जाए। कहा कि 25 दिसम्बर 2020 में मेरा कार्यकाल समाप्त हो गया था। पंचायत भवन निर्माण के लिए 22 लाख 23 हजार रूपये स्वीकृत हुआ था। जिसके सापेक्ष 11 लाख 17 हजार 500 रूपये मनरेगा, 11 लाख 17 हजार 500 रूपये केन्द्रिय वित्त से धन निकाला गया था।

मनरेगा की धनराशि मेरे हस्ताक्षर से नहीं निकाली जाती है। मनरेगा की धनराशि खण्ड विकास अधिकारी व लेखाकार के संयुक्त हस्ताक्षर से निकाली जाती है। तकनीकी सहायक रमेश शुक्ला द्वारा हस्ताक्षर किया गया। माप पुस्तिका से ग्राम पंचायत खानीपुर के पंचायत भवन धन आहरित किया गया। मेरा कार्यकाल समाप्त होने के बाद उपरान्त प्रशासक आद्या प्रसाद द्विवेदी सहायक विकास अधिकारी पंचायत, ग्राम विकास अधिकारी अजय कुमार के समय केन्द्रीय वित्त/राज वित्त पंचायत भवन के नाम पर वर्ष 2021 में छह मार्च को एक लाख 35 हजार, 30 मार्च को तीन लाख 65 हजार रूपये निकाले गए थे। इसके बाद वर्तमान प्रधान मीरा सिंह के हस्ताक्षर से वर्ष 2022 में 18 मई को पंचायत भवन के नाम पर ईट के लिए दो लाख 10 हजार रूपये का भुगतान किया गया है। पूर्व प्रधान ने अफसरों को प्रार्थना पत्र देकर मामले  की जांच कराकर स्वयं को निर्दोष और आरोप लगाए गए लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।

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