बरेली: मंडराने लगा बाढ़ का खतरा, अलर्ट मोड पर अफसर...सुरक्षा समितियों का हुआ गठन

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार: मानसून की शुरुआत होने के साथ ही तटीय क्षेत्र के गांवों में बाढ़ का खतरा भी मंडराने लगा है। बाढ़ खंड के विभागीय अधिकारियों ने इससे निपटने की तैयारी भी तेज कर दी है। जिले भर के संवेदनशील क्षेत्रों में बाढ़ सुरक्षा समिति का गठन कर दिया गया है। बाढ़ चौकियां भी प्रस्तावित कर दी गई हैं, जिन पर प्रशासन की मुहर लगना बाकी है। अधिकारियों के अनुसार इस बार पिछली बार के संवेदनशील गांवों में सुरक्षा समितियां गठित की गई हैं।

मुख्य रूप से रामगंगा नदी के दाएं किनारे पर स्थित प्रत्येक 15 किमी के बीच 10 सुरक्षा समितियों का गठन किया गया है। गांव रोहतापुर, भूड़ा, गुरुगांवा एतमाली, बसंतपुर, गुबराई, हाजीपुर, शिखा, झाऊनगला, कैनी शिवनगर, हैबतपुर बिचरा, कोहनी प्रतापपुर, बढ़रई कुइया, चंदौआ, फतेहपुर सराथू, घिलौरा, बनारा, फिरोजपुर मजरा जगतपुर, तजपुरा नवदिया, सिकोडा, हिम्मतपुर क्षेत्रों में समिति का गठन किया गया है। 

बाढ़ खंड की रूपरेखा के अनुसार समिति में जूनियर इंजीनियर पदेन अध्यक्ष, ग्राम प्रधान सह अध्यक्ष, उप प्रधान, युवक मंडल दल का प्रतिनिधि, महिला मंडल की अध्यक्ष, ग्राम चौकीदार, स्वैच्छिक संगठनों के प्रतिनिधि और बहुउद्देशीय कर्मी बतौर सदस्य समिति में नामित किए गए हैं। सहायक अभियंता अमित किशोर ने बताया कि इसके अलावा बाढ़ कंट्रोल रूम भी शुरू करा दिया गया है।

 समिति के सभी सदस्यों को बाढ़ से बचाव के उपाय भी बताए जा रहे हैं ताकि बाढ़ की स्थिति में लोगों को जल्द से जल्द राहत उपलब्ध हो सके। समिति के पदाधिकारियों के मोबाइल नंबर भी जन- जन को दिए जा रहे हैं, जिससे बाढ़ के दौरान जलस्तर की जानकारी उन्हें आसानी से मिल सके।

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