अयोध्या: पहली बरसात ने ही खोल दी नगर पंचायत खिरौनी की पोल, तालाब बनीं सड़कें
सोहावल/ अयोध्या, अमृत विचार। नवसृजित नगर पंचायत खिरौनी के विकास कार्यों की पोल पहली ही बरसात में खुल कर सामने आ गई। एक साल में विकास के नजरिए से केवल कुछ सड़कें और नाले ही बनाए जाने की शुरुआत हुई थी। वह भी दो दिन की बरसात नहीं झेल पाए। पूरा होने से पहले ही धराशायी हो गए। पंचायत की ज्यादातर सड़कें जल भराव के कारण तालाब में तब्दील हो गई हैं। लोगों का घर से निकल पाना मुश्किल है। लगभग 20 हजार की आबादी ईओ और चेयरमैन के बीच चल रही गुटबाजी के बीच अपने को पिसता हुआ महसूस कर रही है।
मई 2023 में गठित हुई इस नगर पंचायत के कुल 15 वार्डों में बरसात से पहले कई करोड़ के काम शुरू हुए। इनमें सड़क और नालों का निर्माण, सफाई प्रमुख रूप से रही। कई सभासदों का आरोप है पंचायत की गुटबाजी के चलते आठ महीने तक कुछ नहीं हो पाया। टेंडर होने के बावजूद कथित कमीशनबाजी के चलते ठेकेदारों ने काम नहीं शुरू किया, जिन्होंने काम शुरू किया, उन्होंने निर्माण इतना घटिया किया कि निर्मित सड़क व नाले पहली बरसात के दो दिन भी नहीं सहन कर पाए। जलनिकासी न हो पाने से सड़कें जलमग्न हो गईं। रेलवे फाटक से सीएचसी तक जाना हो या सुचित्तागंज बाजार से आह्लाद का पुरवा मार्ग से नहर पटरी तक। आवागमन लगभग बंद है। नालों और पुलियों की सफाई हुई नहीं। ईओ सचिन पटेल से जानकारी चाही गई तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
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वर्जन-
जो नवनिर्मित नाले और निर्माण गिरे हैं वह सभी ईओ के ठेकदारों के हैं। इसी बात को लेकर हमने जब विरोध किया था तो मुकदमे में फंसा दिया गया है। इसकी पूरी जांच कराई जाएगी और दोषियों को दंडित कराने का काम किया जाएगा। -डॉ. राम सुमेर भारती, चेयरमैन प्रतिनिधि
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