नीट-यूजी विवाद: संसद की ओर मार्च करने का प्रयास कर रहे 12 से ज्यादा छात्र हिरासत में लिए गए

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Edited By Amrit Vichar
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नई दिल्ली। कई प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में संसद की ओर मार्च करने का प्रयास कर रहे 12 से अधिक छात्रों को मंगलवार को हिरासत में लिया गया। ‘‘इंडिया अगेंस्ट एनटीए’’ के बैनर तले विभिन्न संगठनों से जुड़े छात्र यहां पटेल चौक मेट्रो स्टेशन पर एकत्र हुए और ‘‘एनटीए विरोधी’’ नारे लगाने लगे। ‘‘केंद्रीय शिक्षा मंत्री को बर्खास्त करो’’ और ‘‘एनटीए को खत्म करो’’ जैसे नारे लिखे पोस्टर और बैनर लेकर छात्रों ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा में पेपर लीक और भ्रष्टाचार के कथित मामलों के खिलाफ प्रदर्शन किया। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों को उस समय हिरासत में ले लिया, जब वे अपनी मांगों को लेकर संसद की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे थे।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘‘प्रेस क्लब में संवाददाता सम्मेलन करने के बाद छात्र पटेल चौक मेट्रो स्टेशन पर एकत्र हुए, जहां से उन्होंने संसद की ओर मार्च करना शुरू किया। ऐसा करने की कोशिश कर रहे 12 से अधिक छात्रों को हिरासत में लिया गया।’’ राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित परीक्षाओं राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी), नीट-पीजी (स्नातकोत्तर) और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (यूजीसी नेट) में अनियमितता को लेकर ‘‘इंडिया अगेंस्ट एनटीए’’ के बैनर तले विभिन्न छात्र संगठन यहां जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना दे रहे हैं।

उनका प्रदर्शन मंगलवार को सातवें दिन भी जारी रहा और आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए संसद तक मार्च निकालने का आह्वान किया गया। भाकपा (माले) लिबरेशन से संबद्ध ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और दिल्ली विश्वविद्यालय के क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) के सदस्य भी धरना पर बैठे हैं। छात्रों ने 18वीं लोकसभा के पहले सत्र के आखिरी दिन बुधवार को ‘इंडिया’ गठबंधन में शामिल पार्टियों के छात्र संगठनों के साथ मिलकर ‘‘संसद के घेराव’’ के लिए एक और मार्च का आह्वान किया है। उनकी मांगों में एनटीए को खत्म करना, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और प्रवेश परीक्षाओं का विकेंद्रीकरण शामिल है।

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