लोकसभा में विपक्ष के आचरण को लेकर निंदा प्रस्ताव पारित 

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संबोधन के दौरान विपक्षी सदस्यों द्वारा ‘‘संसदीय मर्यादाओं को तार-तार करने’’ की निंदा करते हुए एक प्रस्ताव सदन में रखा जिसे ध्वनिमत से मंजूरी दी गई। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का प्रधानमंत्री मोदी के जवाब देने के बाद सिंह ने निंदा प्रस्ताव रखा।

उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान जब प्रधानमंत्री का संबोधन चल रहा था तो उस दौरान विपक्ष द्वारा संसदीय मार्यादाओं को लगातार तार-तार किया गया। मैं प्रस्ताव करता हूं कि इस कृत्य की पूरा सदन भर्त्सना करता है।’’ गृह मंत्री अमित शाह ने इस प्रस्ताव का अनुमोदन किया जिसे सदन ने ध्वनिमत से मंजूरी दे दी। विपक्षी सदस्यों ने इस प्रस्ताव का विरोध किया।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस दौरान कहा, ‘‘मैंने सभी सदस्यों को पूरा मौका दिया...नेता प्रतिपक्ष को 90 मिनट बोलने का मौका दिया...लेकिन आपका (विपक्ष) यह व्यवहार न तो संसदीय अचारण के अनुकूल है, न ही देश के लोकतंत्र के लिए उचित है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘देश आज देख रहा है कि जब प्रधानमंत्री अपनी बात रख रहे थे तो प्रतिपक्ष के नेता (राहुल गांधी) माननीय सदस्यों को आसन के निकट जाने के लिए कह रहे थे, यह संसदीय परंपराओं के लिए उचित नहीं है।’’ सदन ने राजनाथ सिंह द्वारा लाए गए प्रस्ताव को ध्वनिमत से मंजूरी दी। प्रधानमंत्री मोदी के लगभग सवा दो घंटे के भाषण के दौरान कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सदस्य नारेबाजी करते रहे।

ये भी पढ़ें- हाथरस सत्संग हादसा: प्रधानमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान, मृतकों के परिजन को 2-2 लाख, घायलों को 50-50 हजार

संबंधित समाचार