हाथरस भगदड़: इस घटना के लिए बाबा के ब्लैक कमांडो और सेवादार भी हैं जिम्मेदार 

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Edited By Amrit Vichar
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एसडीएम ने डीएम को सौंपी अपनी जांच रिपोर्ट, कहा सत्संग स्थल पर मौजूद थी 2 लाख से अधिक की भीड़

हाथरस, अमृत विचार। हाथरस कांड में एसडीएम सिकंदराराऊ ने अपनी रिपोर्ट डीएम हाथरस को सौंप दी है। उन्होंने रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि बाबा के ब्लैक कमांडो और सेवादार इस घटना के लिए कहीं न कहीं जिम्मेदार हैं। उन्होंने भीड़ के साथ धक्का मुक्की की। सत्संग स्थल पर दो लाख से अधिक की भीड़ उपस्थित थी। काफी प्रयासों के बाद भी राजस्व टीमें और सुरक्षाकर्मी व्यवस्था बनाने में कामयाब नहीं हो सके। एसडीएम ने मृतकों और घायलों का विवरण भी अपनी रिपोर्ट में डीएम को सौंप दिया है।

सिकंदरराऊ के एसडीएम ने डीएम आशीष कुमार को सौंपी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग सिकंदराराऊ से एटा रोड पर गांव फुलरई मुगलगढ़ी के दक्षिण दिशा में नारायण साकार हरि का प्रवचन सत्संग कार्यक्रम नियत था। वह मौके पर थे। सत्संग के पंडाल में लगभग दो लाख से अधिक की भीड़ उपस्थित थी। भोले बाबा लगभग दोपहर 12:30 बजे सत्संग पंडाल में पहुंचे और एक घंटा कार्यक्रम चला। उसके बाद लगभग 1:40 बजे भोले बाबा पंडाल से निकलकर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एटा की ओर जाने के लिए आए तो जिस रास्ते से वह निकल रहे थे उस रास्ते की ओर सत्संगी महिला, पुरुष, बच्चे उनके दर्शन और चरण स्पर्श एवं आशीर्वाद स्वरूप उनकी चरण रज लेकर अपने माथे पर लगाने लगे। 

रोड के किनारे एवं बीच में बने डिवाइडर पर काफी संख्या में दर्शन के लिए पहले से लोग खड़े थे, जो डिवाइडर से कूद-कूद कर बाबा के दर्शन के लिए उनके वाहन की ओर दौड़ने लगे तो बाबा के साथ उनके निजी सुरक्षा कर्मी जिन्हें ब्लैक कमांडो ही कहा जाएगा एवं सेवादारों द्वारा बाबा के पास भीड़ न पहुंचने की स्थिति में भीड़ के साथ स्वयं ही धक्का मुक्की करना शुरू कर दिया गया, जिससे कुछ लोग नीचे गिर गए। तब भी भीड़ नहीं मानी और अफरा तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया, जिसके कारण भीड़ राहत की सांस लेने के लिए कार्यक्रम स्थल के सामने खुले खेत की तरफ के दूसरी ओर भागी। 

सड़क से खेत की ओर उतरने के दौरान ढालनुमा जगह होने के कारण अधिकांश लोग फिसल कर गिर गए। उसके बाद पुनः उठ नहीं सके और भीड़ उनके ऊपर होकर इधर-उधर भागने लगी, जिससे कई महिलाएं, पुरुष और बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर उपस्थित राजस्व और पुलिस सुरक्षा कर्मियों द्वारा हताहत लोगों को एंबुलेंस एवं मौके पर उपस्थित अन्य साधनों से घटना स्थल से अस्पताल भिजवाया गया। यहां अलग-अलग अस्पतालों में उपचार के दौरान कुछ अनुयायियों की मौत हो गई। जबकि तमाम अनुयायियों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई। एसडीएम की है रिपोर्ट स्पष्ट कर रही है कि इस घटना के लिए बाबा के ब्लैक कमांडो और सेवादार भी जिम्मेदार हैं।

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