हाथरस हादसा : सरकार का आपसी मतभेद इस घटना का है जिम्मेदार : अजय राय

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ/हाथरस, अमृत विचार। अजय राय ने हाथरस घटना को लेकर कहा कि हाथरस का दर्दनाक घटना का पूर्ण रूप से दोषी वहां का प्रशासन है जिसने ये जानते हुए भी इतना बड़ा आयोजन है अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन ठीक तरीके से नहीं किया। 80000 हजार श्रद्धालुओं की अनुमति के बाद 2.5 लाख से अधिक श्रद्धालु आये मगर सिर्फ 40 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई। अंदर से बाहर तक हर तरफ सिर्फ अव्यवस्था थी। हादसे के बाद घायलों को अस्पताल ले जाने के लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था नहीं थी, मजबूरन टैम्पों, आटो रिक्शा के माध्यम से अस्पताल ले जाया गया परन्तु वहां पर भी उनके इलाज का समुचित इंतजाम नहीं था नतीजन बहुत से लोगों ने अस्पताल के दरवाजे पर ही दम तोड़ दिया। लखनऊ ने घटना का संज्ञान तीन घंटे बाद लिया।

 दुर्भाग्य देखिए कि एक तरफ इतने बड़े हादसे के बाद घायलों के लिए एम्बुलेंस तक उपलब्ध नहीं थी और दूसरी तरफ प्रदेश के कई जिलों में एम्बुलेंस घोटाला सामने आ रहा है। एक ही नंबर से 30-30 बार एम्बुलेंस बुक किया जा रहा है, पुराने मरीजों की फोटो अपलोड़ की जा रही है, यह खेल सालों से जारी है और हर महीने सरकार को करोड़ों का चूना लग रहा है। सरकार का आपसी मतभेद भी इस दुर्घटना का जिम्मेदार हैं कल जब मैं हाथरस गया, वहां मैंने देखा कि कल ही मुख्यमंत्री भी हाथरस गये और जब वापस आ रहा था तो प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी हाथरस गये। इन लोगों की आपस की लड़ाई में प्रदेश पिस रहा है। अजय राय ने मांग की है कि मृतकों के परिजनों को 1 करोड़ रूपये और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाये। वहीं घायलों को इलाज के लिए 25 लाख रूपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाये। उन्होंने कहा कि हादसे को गंभीरता से लेते हुए मामले की न्यायिक जांच उच्च न्यायालय के वर्तमान जज की अध्यक्षता में कराई जाए न कि रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में।

बीजेपी सिर्फ गुजरातियों को देती है ठेका 

अजय राय ने कहा कि मथुरा के कृष्ण विहार कॉलोनी में एक ओवर हैड टैंक जो कि विधि विरुद्ध तरीके से घनी आबादी के मध्य वर्ष 2021 में बनाया गया था। इसके निर्माण में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार किया गया था। निर्माण के समय से ही इस ओवर हेड टैंक से वॉटर लीकेज की शिकायत स्थानीय नागरिकों के द्वारा की गई थी लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई। वॉटर लिकेज टैंक को ही 2023 में नगर निगम मथुरा को हैंड ओवर किया गया था। दिनांक 30 जून 2024 को उक्त ओवर हैड टैंक गिर गया जिसमें तीन लोगों की मृत्यु हुई तथा 12 लोग घायल हो गये इसके साथ ही 7 से अधिक मकान पूरी तरह से ध्वस्त होकर गिर गये। घटना स्थल पर रह रहे नागरिकों के सामने पानी की समस्या बनी हुई है। उन्होंने कहा भाजपा सरकार ने इंसान तो इंसान भगवान तक को नहीं छोड़ा। पूरा अयोध्या इनके भ्रष्टाचार की कहानी कह रहा है। पहली बारिश में ही राम मंदिर जलमग्न हो गया तो रामपथ में कई जगहों पर गड्ढे हो गये। 

हिंदू विरोधी राहुल गांधी नहीं पीएम मोदी - अजय राय 

अजय राय ने कहा कि हमारे नेता राहुल गांधी ने सदन में कहा कि हिंदुत्व का सार्टिफिकेट बांटने वाले भाजपाई, हिंदु धर्म के सबसे बड़े विरोधी है। राहुल गांधी के सदन में दिये गये भाषण की लोकप्रियता से यह लोग इतना घबरा गये हैं कि उनके द्वारा दिये भाषण से महत्वपूर्ण अंशों को एक्स्पंज कर दिया गया है। अजय राय ने आगे कहा कि सदन रिकॉर्ड से भाषण तो एक्स्पंज करा सकते हैं, मगर राहुल गांधी हिन्दुस्तान की जनता के दिलों में हैं, वहां से कैसे एक्स्पंज करायेंगे। उन्होंने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि ये धर्म की बात करते हैं, सच ये है की नरेन्द्र दामोदर दास मोदी सबसे बड़े धर्म विरोधी है। काशी विश्वनाथ मंदिर का कार्रिडोर बनाने के नाम पर 150 से ज्यादा पौराणिक मंदिर तोड़े गये। प्राचीन अक्षय वटवृक्ष काट दिया गया और ये सारा काम रात के अंधेरे में एक गुजरात की कंपनी द्वारा कराया गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रोजेक्टर द्वारा मंदिर तोड़े जाने की एक Andic visual clip भी दिखायी।

छात्रों का भविष्य से खिलवाड़ कर रही भाजपा 

अजय राय ने पेपरलीक मामले पर बीजेपी को घेरते हुए कहा कि ये सरकार भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। केंद्र से लेकर राज्य तक सभी परीक्षाओं में धांधली हो रही है। अभी नीट परीक्षा में जिस तरह अनियमितता हुई वो निंदनीय है। हम नीट परीक्षा को फिर से कराये जाने की मांग करते हैं और नई तारीख भी तुरंत घोषित की जाये। उन्होंने आगे कहा कि उ0प्र0 में फरवरी में हुई सिपाही भर्ती का काम गुजरात की एक ब्लैकलिस्ट कंपनी एजुटेस्ट सेल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को दे दिया गया। यही नहीं इस कंपनी का पुराना नाम Confisec Private Limited था और 2017 में यह कंपनी ब्लैक लिस्ट हुई थी और इसके डॉयरेक्टर विनीत आर्या गिरफ्तार भी हुए थे। बेल पर छूटने के बाद विनीत आर्या ने कंपनी का नाम बदल दिया और फर्जीवाड़ा जारी रखा। विनीत आर्या के पिता सुरेश चन्द्र आर्य गुजरात में सर्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष हैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वयं इनके कार्यक्रमों में जाते रहे हैं। इसी का नतीजा है कि इतनी गंभीर शिकायतों तथा ब्लैक लिस्ट होने के बाद भी इस कंपनी को पूरे देश में छात्रों का भविष्य से खिलवाड़ करने का ठेका मिलता रहा है।

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