बदायूं: हत्या करने के दोषी को आजीवन कारावास, 30 हजार रुपये जुर्माना
बदायूं, अमृत विचार। त्वरित न्यायालय की अपर सत्र न्यायाधीश मिर्जा जीनत ने हत्या करने के 14 साल पुराने मामले में दोषी को आजीवन कारावास और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जिसमें जुर्माना की आधी धनराशि वादी को देने का आदेश दिया है। मुकदमा के विचारण के दौरान एक आरोपी की मौत हो चुकी है, जबकि एक अन्य आरोपी को बरी किया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार कोतवाली बिसौली क्षेत्र के गांव बरखेड़ा जयवीर सिंह ने 5 जून 2010 को पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि रात लगभग साढ़े 11 बजे उनके पिता अंगद सिंह रोज की तरह घर के आंगन में सो रहे थे। गांव परसेना निवासी मुकेश सिंह, वीर सिंह पुत्र नन्हें, सत्यवीर सिंह पुत्र कस्तूरी और राम रहीस पुत्र गुलफाम सिंह तमंचे लेकर उनके घर में घुस आए। जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया। गोली आंगन में सो रहे अंगद सिंह की कोख में लगी। जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की और विवेचना की थी। पुलिस ने साक्ष्य संकलित करके आरोपी वीर सिंह, मुकेश और श्याम सिंह के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। जिसके बाद से मुकदमा कोर्ट में विचाराधीन था। मुकदमा के दौरान एक आरोपी मुकेश की मौत हो गई।
सोमवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य का अवलोकन किया। एडीजीसी ओमपाल कश्यप और बचाव पक्ष की दलील सुनने के बाद आरोपी वीर सिंह को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, जबकि श्याम सिंह को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया।
