नाबालिग चेकिंग अभियान : ''साहब बच्चे को स्कूल के देर हो रही, प्लीज इस बार छोड़ दो''
वाहन चलाने वाले नाबालिगों के खिलाफ दूसरे दिन भी चलाया गया चेकिंग अभियान
अमृत विचार, लखनऊ। 'साहब बच्चे को स्कूल के लिए देर हो रही थी, इसलिए बाइक लेकर चला गया। रोज वह साइकिल से ही स्कूल जाता था। प्लीज छोड़ दीजिए आगे से अब ऐसा नहीं होगा".... जी हां, कुछ इसी प्रकार मंगलवार को भी टीएसआई विनोद कुमार ने बुद्धेश्वर स्थित मैनपुरिया स्कूल के सामने नाबालिग की बाइक रोककर उसके पिता से फोन पर बातचीत की, तो बच्चे के पिता ने ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को तरह-तरह की दलीलें पेश की। इसके बाद ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने परिजनों को सख्त हिदायत दी।
एडीसीपी ट्रैफिक अजय कुमार ने बताया कि मंगलवार को दूसरे दिन शहर के कई स्कूलो में 13072 छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों के प्रति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें 18 वर्ष से कम आयु के छात्र-छात्राओं को मोटर वाहन ना चलानें के लिए जागरूक करते हुए शिक्षकों से भी अनुरोध किया गया। टीएसआई रघुराज सिंह ने अलीगंज क्षेत्र प्रभारी एवं यातायात पुलिस टीम ने इन्जीनियरिंग कॉलेज चौराहे पर ऑटो, टेम्पो, ई-रिक्शा चालकों को जागरूक किया । साथ ही हजरतगंज, उतरेठिया, गोमतीनगर, समेत शहर के कई इलाकों में स्कूलो की छुट्टी होने पर ट्रैफिक पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाया।
इस दौरान ट्रैफिक पुलिस ने 784 वाहनों का चालान किया और 7913 बच्चों के अभिभावकों को कार्रवाई करने की चेतावनी दी गयी। इसके अलावा ट्रैफिक पुलिस ने 2215 स्कूली वाहनों का परमिट व फिटनेस चेक किया, जिनमें 3 बिना फिटनेस वाले स्कूली वाहनों का ट्रैफिक पुलिस न चालान किया। एडीसीपी ट्रैफिक का कहना है कि जागरुकता अभियान के बाद अब निमयों का पालन न करने वाले अभिभावकों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा।
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