Fatehpur News: यमुना नदी का बढ़ा जलस्तर; तटवर्ती गांवों में बढ़ रहा खतरा, प्रशासन सतर्क, शुरू हुई निगरानी

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Edited By Amrit Vichar
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फतेहपुर, अमृत विचार। बारिश के मौसम में गंगा एवं यमुना नदी के जलस्तर में बढोत्तरी हो रही है। साथ ही हथिनी कुंड से पानी छोड़े जाने से यमुना के जलस्तर में 4 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से इजाफा हो रहा है। इससे यमुना कटरी के गांवों में बाढ़ का खतरा लोगों को डराने लगा है। हालांकि अभी खतरा काफी दूर है, लेकिन प्रशासन ने बाढ़ से निपटने के लिए सभी व्यवस्थाएं कर रखी हैं। 

बारिश के मौसम में यमुना के उफनाने से ललौली थाना क्षेत्र के कोर्राकनक, ललौली समेत अन्य कई डेरों में हर साल कटान के मामले होते हैं। इन गांवों के रास्तों में 15 से बीस फुट तक पानी भरने से जहां यह गांव टापू में तब्दील हो जाते हैं। वहीं ग्रामीणों को आवगमन के लिए हफ्तों परेशान होना पड़ता है। जबकि सैकड़ों बीघा फसलें नष्ट होने से किसान हर साल तबाही के शिकार होते हैं। 

नदी में पानी बढ़ने से यमुना तटवर्ती के गांवों में भी बाढ़ का खतरा मंड़राने लगता है। बारिश होने के साथ ही हथिनी कुंड से 18 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से यमुना के जलस्तर में लगातार इजाफा हो रहा है। जानकार बताते हैं कि यमुना में चार से पांच सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से पानी बढ़ रहा है। बुधवार सुबह 8 बजे यमुना 93.25 मीटर पर बह रही थी। जबकि शाम 6 बजे 94.51 मीटर पर पहुंच चुका था। हालांकि अभी खतरे का निशान दूर है, इससे अभी खतरा दूर है, लेकिन यमुना में लगातार पानी बढ़ने से तटवर्ती गांवों के लोगों को अभी से बाढ़ का खतरा डराने लगा है।

प्रशासन सतर्क, शुरू हुई निगरानी

यमुना के जलस्तर में इजाफा देख प्रशासन सतर्क हो गया है। हालांकि अभी खतरा काफी दूर है, लेकिन अफसरों ने जलस्तर बढ़ने के साथ ही निगरानी बढ़ा दी है। जून माह में ही प्रशासन स्तर पर बाढ़ चौकियां गठित करने के साथ साथ जिम्मेदार कर्मचारियों की डयूटी भी लगा दी गई है, जो जल स्तर पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।

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