बरेली: डॉ. केशव अग्रवाल ने ईएसआईसी के कैंसर अस्पताल बनाने का किया अनुरोध

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बरेली, अमृत विचार। ईएसआईसी के सदस्य एवं रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ. केशव कुमार अग्रवाल ने अपने संबोधन में सभी फैक्ट्री संचालकों एवं कामगारों के समूहों से ईएसआईसी में रजिस्ट्रेशन कराने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने बरेली में ईएसआईसी के कैंसर अस्पताल को खोले जाने की सलाह केंद्रीय मंत्री, प्रशासनिक …

बरेली, अमृत विचार। ईएसआईसी के सदस्य एवं रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ. केशव कुमार अग्रवाल ने अपने संबोधन में सभी फैक्ट्री संचालकों एवं कामगारों के समूहों से ईएसआईसी में रजिस्ट्रेशन कराने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने बरेली में ईएसआईसी के कैंसर अस्पताल को खोले जाने की सलाह केंद्रीय मंत्री, प्रशासनिक अधिकारियों और ईएसआईसी के उच्चाधिकारियों के समक्ष रखी।

डॉ. केशव अग्रवाल ने बताया कि ईएसआईसी की नई योजना के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड से जोड़े जाने का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि करीब 40 करोड़ कामगारों में से 2.5 करोड़ लोगों ने ही रजिस्ट्रेशन कराया है। अगर दो, चार, पांच करोड़ लोग भी एक्स्ट्रा लोग भी रजिस्ट्रेशन करा लेंगे तो बेहतर है। इसमें बहुत ही फायदे हैं। उन्होंने बताया कि जिस कामगार का वेतन 10 हजार रुपये है तो 75 रुपये प्रतिमाह ही देने हैं। इससे उनके पूरे परिवार को इलाज मिलेगा।

बीमार होने पर पूरी तनख्वाह दिए जाने का नियम भी है। उन्होंने फैक्ट्री संचालकों, आईएमए आदि के पदाधिकारियों से उनके कामगारों के रजिस्ट्रेशन ईएसआईसी में कराने की अपील की। ईएसआईसी के सदस्य डॉ. अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री की प्रेरणा से तेजी ईएसआईसी से तेजी से बढ़ रहा है। इसका ताजा उदाहरण सौ बेड का अस्पताल है, जिसका दो माह में रजिस्ट्रेशन होकर अगले 15 महीने में अस्पताल बन जाएगा।

डॉ. अग्रवाल इस डेडलाइन को पूरा करने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि ईएसआईसी की ड्राइव चल रही सभी बीमितों को समुचित इलाज दिया जा सके। डॉ. केशव अग्रवाल ने बताया कि छह मेडिकल कॉलेज, दो डेंटल कॉलेज और चार नर्सिंग कॉलेज ईएसआईसी के अपने हैं। कोशिश है कि पूरे देश में हर जिले में कम से कम एक-एक अस्पताल जरूर हो, जिससे वहां पर कोई भी व्यक्ति इलाज करा सके। उन्होंने कहा कि हर अस्पताल में एक-एक एंबुलेंस हो।

साथ ही एक बस भी हो, जिससे औद्योगिक संस्थानों में जाकर कामगारों का चेकअप कराया जा सके। बीमित कर्मचारियों को लाभ देने के लिए ईएसआईसी ने बड़े अस्पतालों से अनुबंध कर रखा है, जिससे लोगों को इलाज में परेशानी न हो। उन्होंने यह भी कहा कि ईएसआईसी ने बड़ी योजना बनाई है। इसमें बीमित कर्मचारियों को आयुष्मान कार्ड भी फ्री में दिया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि अगले साल दो साल के अंदर लोग आयुष्मान की तरह ही ईएसआईसी को जान जाएंगे। यह भी कहा कि कोरोना ने सबकी आंखे खोल दीं है कि अब स्वास्थ्य सेवाओं पर बहुत ध्यान दिए जाने की जरूरत है।

डॉ. केशव अग्रवाल ने कहा कि केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार और मंडलायुक्त से उन्होंने अनुरोध किया था कि आईटीआर की जो जमीन खरीदी है, उसे और बढ़ा लीजिए, जिससे कि यहां पर कैंसर अस्पताल बनाया जा सके। उन्होंने बताया कि ईएसआईसी के पास पूरे देश में डेडीकेटेड कैंसर अस्पताल नहीं है। कुछ अस्पतालों में छोटी मोटी सुविधाएं हैं, जो कीमोथेरेपी सर्जरी तक सीमित हैं। उन्होंने कैंसर अस्पताल की धारणा को केंद्रीय मंत्री के क्षेत्र में स्थापित करने की अपील की, जिससे पूरे देश से बीमित व्यक्ति बरेली में इलाज कराने आ सकें।

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