पुजारी की मौत पर बवाल, कार्रवाई को लेकर भीरा इंस्पेक्टर से भिड़ी जनता, हुई हाथापाई...बिगड़ा माहौल

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Edited By Amrit Vichar
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हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने व चौकी इंचार्ज के निलंबन की मांग कर रहे थे ग्रामीण, शव को दी भू-समाधि  

लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। थाना भीरा के बस्तौली स्थित राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी महेशदास के जहर खाकर आत्महत्या करने के बाद आक्रोशित जनता ने शव को समाधि देने से रोक दिया। सभी लोग आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने और लापरवाह चौकी इंचार्ज के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। अफसर भीड़ को समझा रहे थे, इसी बीच भीरा इंस्पेक्टर को गुस्सा आ गया। उन्होंने भीड़ से अभद्रता करते हुए हाथापाई शुरू कर दी। इससे लोग भड़क गए और बवाल बढ़ गया। करीब चार घंटे तक चले बवाल के बाद पुलिस बैकफुट पर आई और रिपोर्ट दर्ज कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, साथ ही आरोपी चौकी इंचार्ज पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब जाकर लोग शांत हुए और विरोध समाप्त किया। 

पुलिस चौकी बिजुआ क्षेत्र के गांव बस्तौला स्थित राधाकृष्ण मंदिर के पुजारी महेशदास (65) को छह दिन पहले बस्तौला के ही भोला सिंह ने  पीटा था। आरोप है कि धारदार हथियार से हमलाकर उन्हें घायल कर दिया था, इससे आहत होकर पुजारी ने शनिवार को जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। इसकी जानकारी मिलते ही संत और हिंदू समाज के लोगोंमें आक्रोश भड़क उठा था। रविवार को बड़ी संख्या में संतों के साथ ही हिंदू संगठनों के लोग बस्तौला मंदिर पर पहुंच गए। देखते ही देखते वहां तमाम लोगों की भीड़ जुट गई। यह देख प्रशासन भी हरकत में आ गया, कई थानों की पुलिस व पीएसी बुला ली गई। इसके अलावा फायर बिग्रेड को भी मंदिर परिसर में तैनात कर दिया गया। 

इधर, पोस्टमार्टम के बाद दोपहर में पुजारी का शव शिव मंदिर लाया गया। आक्रोशित लोगों ने शव को भू-समाधि देने से मना कर दिया। आक्रोशित भीड़ पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा रही थी। लोगों की मांग थी कि आरोपी के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए, लापरवाही बरतने वाले बिजुआ चौकी इंचार्ज का निलंबन हो। बवाल की सूचना पर पहुंचे सीओ गोला अजेंद्र सिंह, तहसीलदार सुखवीर सिंह, इंस्पेक्टर भीरा इंद्रजीत सिंह ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। बातचीत के दौरान प्रभारी निरीक्षक भीरा इंद्रजीत सिंह को गुस्सा आ गया। उन्होंने भीड़ के साथ हाथा पाई शुरू कर दी, इससे मौके पर मौजूद भीड़ और उग्र हो गई। हालांकि अफसरों और मौजूदा मीडिया सेल प्रभारी व पूर्व में बिजुआ चौकी इंचार्ज रहे मनीष पाठक ने मोर्चा संभाला और बमुश्किल लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया। पुलिस ने पुजारी के दामाद सुभनेश कुमार की तहरीर पर भोला सिंह समेत तीन लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की। साथ ही अफसरों ने चौकी इंचार्ज बिजुआ चेतन तोमर के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। उसके बाद ग्रामीणों ने बाबा को भू समाधि दी। इस दौरान बस्तौला मंदिर छावनी में तब्दील रहा। हंगामे के बाद एडीशनल एसपी नेपाल सिंह भी मौके पर पहुंचे। विहिप नेता आचार्य संजय मिश्र, विपिन मिश्रा केसाथ बड़ी संख्या में लोग भी शिव मंदिर परिसर में मौजूद रहे।

पुलिस ने आरोपी का शांति भंग में किया था चालान

आरोपी की पिटाईसे क्षुब्ध पुजारी महेश प्रसाद ने घटना की तहरीर बिजुआ पुलिस को दी थी, लेकिन पुलिसने खेल करते हुए तहरीर के आधार पर समुचित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज नहीं की और एनसीआर दर्ज कर आरोपी भोला सिंह के विरुद्ध सिर्फ शांतिभंग में कार्रवाई की थी। बताते हैं कि इसके बाद भी आरोपी भोला सिंह बाबा को लगातार अपमानित कर रहा था। शनिवार को अपमान से आहत होकर बाबा ने जहरीला पदार्थ खा लिया। उनकी हालत बिगड़ी और जिला अस्पताल मेंदेर शाम मौत हो गई।

वर्जन-
पूरे प्रकरण की जांच एएसपी से कराई जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे। उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -गणेश प्रसाद साहा, एसपी

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