बरेली में हिंदू युवक-युवतितों को इस्लाम में शामिल करके, मुस्लिम लड़के-लड़कियों से शादी कराएंगे मौलाना तौकीर रजा 

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार : इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) ने धर्म परिवर्तन को लेकर बड़ा दावा किया है। आइएमसी ने कहा कि कई हिंदू लड़के और लड़कियों उनके संपर्क में हैं, जो सनातम धर्म छोड़कर मुसलमान होना चाहते हैं और अपने पसंद के मुस्लिम लड़के और लड़की से शादी करना चाहते हैं। 

आइएमसी के संगठन प्रभारी नदीम कुरैशी ने ऐसे हिंदू-लड़के और लड़कियों की सामूहिक शादी का, बाकयदा कार्यक्रम भी घोषित कर दिया है। उन्होंने बरेली के नगर मजिस्ट्रेट से आगामी 21 जुलाई को सामूहिक शादी कार्यक्रम आयोजन की अनुमति मांगी है। 

आएमसी द्वारा नगर मजिस्ट्रेट को भेजे गए मांग पत्र में कहा गया है कि कई हिंदू युवक और युवतियां मौलाना तौक़ीर रज़ा ख़ान के संपर्क में हैं, जिनकी आस्था इस्लाम में है और वे इस्लाम धर्म में शामिल होकर मुस्लिम लड़की और लड़के से शादी करना चाहते हैं। 

इस पत्र में कहा गया है कि सभी युवक-युवतियां बालिग हैं और उन्हें न तो कोई प्रलोभन दिया गया है और न ही किसीस तरह का दबाव बनाया गया है। भारतीय संविधान के तहत वह कानूनन अपनी शादियां करना चाहते हैं। देश में गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश करने के लिए इस तरह के सामूहिक शादी कार्यक्रम की अनुमति दी जाए। आइएमसी ने 21 जुलाई को शहर के खलील हायर सेकंडरी स्कूल में कार्यक्रम आयोजन की जगह तय की है। 

मौलाना के इस क़दम ने बरेली की सियासत में भूचाल मचा दिया है। दरअसल, बरेली में एक लंबे समय से अंतर-धार्मिक शादियां हो रही हैं। मौलाना आरोप लगाते हैं कि यहां मुस्लिम लड़कियों को एक साजिश के तहत बहकाया जा रहा है। दूसरे समुदाय के युवकों के साथ उनकी शादियां कराई जा रही हैं। बताते हैं कि पिछले एक पखवाड़े में करीब 15 मुस्लिम लड़कियों ने दूसरे समुदाय के युवकों के साथ प्रेम विवाह किया है। 

इसको लेकर मौलाना लगातार विरोध जता रहे हैं और अब उन्होंने हिंदू-युवक युवतियों के धर्म बदलकर मुस्लिम लड़के-लड़कियों के साथ शादी कार्यक्रम की तिथि घोषित करके हड़कंप मचा दिया है।

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