संभल: विद्यालय में डीआईओएस के लिए भी नहीं खोला गया गेट, जानें मामला

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Edited By Amrit Vichar
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ओपीजीएम स्कूल में इंप्रूवमेंट परीक्षा देने 20 मिनट देरी से पहुंची छात्रा को लौटाया

चन्दौसी, अमृत विचार। ओपीजीएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल में इंप्रूवमेंट परीक्षा थी। शुक्रवार की सुबह 10.20 बजे हाईस्कूल की छात्रा मैथ की परीक्षा देने विद्यालय पहुंची। उसे 20 मिनट देरी से आने पर विद्यालय से बाहर कर दिया और परीक्षा नहीं देने दी। जबकि परीक्षा 10.30 बजे से प्रारंभ हई। इस पर छात्रा के अभिभावकों ने हंगामा किया। डीआईओएस मौके पर पहुंचे मगर विद्यालय प्रशासन ने उनके लिए भी गेट नहीं खोला। प्रशासन के कई अधिकारियों से शिकायत की गई। काफी इंतजार के बाद डीआईओएस लौट गए। दोपहर डेढ़ बजे परीक्षा के उपरांत अभिभावक प्रधानाचार्य से मिले। इसके बाद अपने घर चले गए। 

सीबीएसई बोर्ड की इंप्रूवमेंट परीक्षा चल रही है। चन्दौसी में इंप्रूवमेंट परीक्षा का परीक्षा केंद्र बहजोई रोड स्थित ओपीजीएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल को बनाया गया है। शुक्रवार को विद्यालय में साढ़े 10 बजे से मैथ की परीक्षा थी। नौ बजे से ही परीक्षार्थियों को विद्यालय में एंट्री दी गई। जनपद मुरादाबाद के थाना बिलारी निवासी छात्रा रिया चौधरी पुत्री राजीव कुमार चौधरी परीक्षा देने विद्यालय पर पहुंची। उस समय सुबह के 10.20 बजे थे और विद्यालय का गेट बंद हो चुका था।

इसके बाद छात्रा विद्यालय में प्रवेश कर गई और कक्षा में पहुंच गई। जहां से उसे देरी से आने की बात कहकर वापस भेज दिया गया और परीक्षा नहीं देने दी। छात्रा के पिता राजीव कुमार व मां नेहा चौधरी ने जनपद के उच्चाधिकारियों से वार्ता की। शिकायत पर डीआईओएस वेदराम विद्यालय पहुंचे। जानकारी कर विद्यालय के प्राधानाचार्य राकेश कुमार से वार्ता करने को बुलाया। मगर प्रधानाचार्य ने वार्ता करने से इन्कार कर दिया और डीआईओएस के लिए विद्यालय का गेट भी नहीं खोला।

इसके बाद डीआईओएस ने अपने उच्चाधिकारियों को घटना से अवगत कराया। सीबीएसई बोर्ड के नोडल अधिकारी डॉ. संजय पाण्डे को भी जानकारी दी। मगर कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। परीक्षा से वंचित हुई छात्रा भावुक हो गई और रोने लगी। जिसे अभिभावकों को समझा-बुझा कर शांत कराया। वहीं काफी इंतजार के बाद डीआईओएस वापस लौट गए। दोपहर डेढ़ बजे परीक्षा के उपरांत अभिभावक प्रधानाचार्य से मिले। इसके बाद अभिभावक छात्रा को लेकर चले गए।

हम भी अभिभावक हैं, हमें बच्चों का हित देखना चाहिए। कुछ समय देरी से पहुंची छात्रा को एंट्री दे दी जाती है, तो उसका एक वर्ष बच जाता। मगर प्रधानाचार्य ने ऐसा नहीं किया-वेदराम, डीआईओएस 

सीबीएसई की इंप्रूवमेंट परीक्षा की गाइड लाइन के अनुसार ही परीक्षा कराई गई। बच्चों के पास एडमिट कार्ड में भी सुबह दस बजे तक विद्यालय में प्रवेश का समय दिया गया है। बच्ची 20 मिनट देरी से पहुंची थी। गाइड लाइन के अनुसार उसे परीक्षा से वंचित किया गया है-राकेश कुमार सिंह, प्रधानाचार्य, ओपीजीएम स्कूल

हम परीक्षा केंद्र से 25 किलोमीटर दूर बिलारी से आए थे। रास्ते में जाम लगने से कुछ देरी हो गई। पुत्री को विद्यालय में प्रवेश देने के बाद भी परीक्षा नहीं देने दी। जिससे उसका पूरा वर्ष खराब हो गया। प्रधानाचार्य से मिलने पर बात करने से इंकार कर दिया। इस तरह का व्यवहार गलत है- राजीव कुमार, छात्रा के पिता

विद्यालय की छुट्टी देरी से होने पर अभिभावकों ने किया हंगामा
ओपीजीएम स्कूल में शुक्रवार को इंप्रूवमेंट की परीक्षा कराई गई। यह परीक्षा दोपहर डेढ़ बजे छूटी। वहीं विद्यालय की रोजाना चलने वाली कक्षाएं भी सुचारू रूप से जारी रहीं। जिससे दोपहर 1.40 बजे विद्यालय की छुट्टी हो सकी। दोपहर डेढ़ बजे बच्चों की छुट्टी नहीं होने पर छात्र-छात्राओं के अभिभावकों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। विद्यालय प्रशासन पर आरोप लगाए कि छोटे-छोटे बच्चों को पहले भेज दिया जाए। शोर शराबा होने पर विद्यालय प्रशासन ने दोपहर 1.40 बजे विद्यालय की छुट्टी कर दी।

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