बरेली: शाही कांड...उपद्रवियों के घर ध्वस्त होने के बाद ही किया अंतिम संस्कार, गांव में भारी पुलिस फोर्स तैनात
बरेली, अमृत विचार। थाना शाही क्षेत्र के गांव गौसगंज में पूर्व प्रधान के बेटे तेजपाल का शव सोमवार को जब गांव पहुंचा तो परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। पुलिस अधिकारियों के समझाने पर परिजन आरोपियों पर कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। जब आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलने लगा, तब परिजनों ने अंतिम संस्कार किया। प्रशासन की टीम ने सरकारी जमीन पर कब्जा करके बने 10 घरों और एक धार्मिक स्थल को चिह्नित किया था। गांव में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई है।

गौसगंज में 16 जुलाई को ताजिया निकालने को लेकर दो पक्षों में विवाद हुआ था। एक पक्ष ने धर्मस्थल के पास ढोल बजाने को मना किया था। दूसरे पक्ष के अब्दुल ने 19 जुलाई को बैठक के बाद एक महिला पर लेजर लाइट मारी थी। इसका हीरा लाल, रुपचंद्र, लालता प्रसाद, रेवीराम, मनोहर लाल समेत अन्य ने विरोध किया था। इसके बाद अब्दुल के बुलाने पर 65 लोगों ने घर में घुसकर हमला बोल दिया था और महिलाओं से भी मारपीट की थी।
धर्म स्थल में ले जाकर तेजपाल को पीटा था
तेजपाल का शव देखकर अनीता बेहोश हो गई। पिता हीरालाल ने बताया कि तेजराम घटना के वक्त लोगों को झगड़ा न करने के लिए समझाने गया था, लेकिन आरोपियों ने उसकी जान ले ली। बवाल के दौरान उनके बेटे को गांव के ही बख्ताबर, इशरत अली, शोएब अली, इम्तियाज, सद्दाम भूरा आदि उठा कर धर्म स्थल में ले गए और उसकी लाठी-डंडे से पिटाई की। इशरत अली ने उसके गुप्तांग पर कई बार लात से प्रहार किया और घायल अवस्था में उसे गांव के पास छोड़कर फरार हो गए। पुलिस प्रशासन की कार्रवाई से दूसरे पक्ष के ज्यादातर लोग घरों पर ताला लटका कर मौके से फरार चल रहे हैं। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।
कार्रवाई के बाद अंतिम संस्कार की बात पर अड़े रहे ग्रामीण
परिजन सोमवार को तेजपाल का शव परिजन अस्पताल से घर लेकर पहुंचे लेकिन लोगों ने अंतिम संस्कार करने से मना करदिया और उपद्रवियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। जब प्रशासन ने बुलडोजर की कार्रवाई की तो शव का अंतिम संस्कार किया गया। गांव पहुंचे क्षेत्रीय विधायक डॉ. डीसी वर्मा ने परिजनों को ढांढस बंधाया और दोषियों पर कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया।

इन 10 आरोपियों के घरों पर चला बुलडोजर
बवाल में मास्टर माइंड बख्तावर अली, इशरत अली, रियासत अली, मकसूद, याशीन, युसुफ अली, इस्तियाक, मुकीम शाह, अशफाक और इस्तियाक के मकानों पर बुलडोजर चला। इसके अलावा एक धार्मिक स्थल पर सरकारी जमीन पर कब्जा करके बनाया गया था, जिस पर कार्रवाई नहीं की गई।
नौ थानों की पुलिस फोर्स रही मौजूद
गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने पहले से तैयारी शुरू करदी थी। सोमवार सुबह से शाही, शीशगढ़, देवरनियां, शेरगढ़, भोजीपुरा, फतेहगंज पश्चिमी, मीरगंज, बिथरी चैनपुर, भुता थानों की फोर्स गौसगंज पहुंच गई। दो गाड़ियां पीएसी के साथ एसपीदक्षिणी मानुष पारीक, उपजिलाधिकारी मीरगंज तृप्ति गुप्ता, सीओ मीरगंज अरुण कुमारसिंह, मौके पर पहुंची। तेजपाल की मौत के बाद गुस्साए लोगों को शांत कराते हुए अंतिम संस्कार कराया।

प्रशासन की टीम ने सरकारी जमीन पर बने 10 घरों समेत 11 संपत्तियां चिह्नित की थीं। 10 लोगों का अतिक्रमण हटाया गया है। सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले अन्य लोगों की संपत्ति भी चिह्नित की जा रही है। -तृप्ति गुप्ता, उप जिलाधिकारी मीरगंज
पुलिस की मौजूदगी में प्रशासन की टीम ने आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाया है। फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। विवेचना में जिस भी आरोपियों की मिलीभगत पाई जाएगी उनका भी नाम बढ़ाया जाएगा। -मानुष पारीक, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण
