Kanpur: खेल विभाग ने UPCA पर बकाये का बाउंसर मारा...ग्रीनपार्क में 27 सितंबर को इनके बीच खेला जाना है मैच
उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिशएन और खेल विभाग में मचा घमासान
कानपुर, अमृत विचार। ग्रीनपार्क स्टेडियम में 27 सितंबर से भारत-बांग्लादेश के बीच टेस्ट मैच प्रस्तावित है। अभी तक सिर्फ घास काटने का काम ही आधा-अधूरा हो पाया है। मैच की तैयारियों से ज्यादा उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिशएन (यूपीसीए) और क्षेत्रीय खेल विभाग मुद्दों को लेकर आमने-सामने हैं। रविवार को प्रमुख सचिव खेल आलोक कुमार के सामने भी दोनों विभाग एक दूसरे पर आरोप लगाते रहे। अब खेल विभाग ने यूपीसीए पर कोविड काल का 25 लाख रुपये किराया न जमा करने का नया मामला उठाया है।
प्रमुख सचिव खेल रविवार को ग्रीनपार्क स्टेडियम का निरीक्षण करने पहुंचे तो भी दोनों विभाग कई मामलों पर एक दूसरे पर आरोप लगाते नजर आए थे। प्रमुख सचिव ने दोनों विभागों के अधिकारियों को मीटिंग के लिए मंगलवार को लखनऊ बुलाया है। मीटिंग के लिए सोमवार को यूपीसीए व खेल विभाग के अधिकारियों ने अपनी फाइलें तैयार कीं। जिसमें सबसे प्रमुख मामला किराए को लेकर रहा, वह किराया जो यूपीसीए ने अभी तक जमा नहीं कराया है।
रविवार को यूपीसीए ने यूपी टी-20 लीग का बकाया दस करोड़ रुपये का 25 फीसदी सोमवार को जमा करने को कहा था। अब मीटिंग के लिए तैयार हो रही फाइल में खेल विभाग ने कोविड काल का बाकी 25 लाख रुपये भी जोड़ दिया है। अब मंगलवार को मीटिंग के नतीजों पर ही सबकी नजर है।
एमओयू बना कई विवादों की जड़
प्रदेश सरकार और यूपीसीए के बीच हुए एमओयू में प्रत्येक वर्ष ग्रीनपार्क स्टेडियम का किराया एक करोड़ निर्धारित हुआ था। पांच साल में पांच फीसदी बढ़ाया जाना था। उस हिसाब से मौजूदा किराया 1.25 करोड़ रुपये हो गया। लेकिन कोविड काल में यूपीसीए ने केवल एक करोड़ ही किराया जमा किया, शेष 25 लाख के लिए खेल विभाग से निवेदन किया था कि इस बीच जब कोई खेल गतिविधि नहीं हुई तो अतिरिक्त किराया माफ किया जाए। इसमें शासन स्तर से कोई फैसला नहीं हुआ था और मामला लटका रहा। अब एकाएक उस 25 लाख रुपये के मामले को भी उठाया गया है।
मीटिंग के अन्य प्रमुख बिंदु
प्रमुख सचिव निरीक्षण करके जाते समय यूपीसीए के पदाधिकारियों से स्पष्ट बोल गए हैं कि स्टेडियम की सीटें कम होने का कारण स्पष्ट रूप से लिखकर लाएं। इसके अलावा मैच न मिलने के क्या-क्या कारण हैं वो भी बताएं। मैच के दौरान उन्हें किस तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, ग्रीनपार्क स्टेडियम को किन-किन चीजों की जरूरत है, इन सभी पर चर्चा बैठक में होगी। खेल विभाग को कहा है कि एग्रीमेंट के हिसाब से क्या-क्या होना चाहिए, मैच की तैयारी को लेकर खेल विभाग क्या कर रहा है, स्टेडियम में क्या-क्या कमियां हैं, 2015 में स्टेडियम की कितनी दर्शक क्षमता थी और अब कितनी बची है। दर्शक क्षमता कम होने के पीछे का कारण क्या हैं। यूपी टी-20 का पैसा अभी तक क्यों नहीं जमा हुआ। इन सभी बिंदु पर बैठक में चर्चा की जाएगी।
