Kanpur: उन्नाव बस हादसे में आरटीओ व एआरटीओ को नोटिस, डग्गामार बसों पर कार्रवाई करने वाले अधिकारियों पर ही गिरी गाज

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर, अमृत विचार। बीते दिनों उन्नाव में लखनऊ-आगरा हाईवे पर स्लीपर बस हादसे के मामले में इस बस की फिटनेस जांच करने से लेकर चालान करने वाले सभी संभागीय परिवहन अधिकारियों को नोटिस थमा दी गई है। दरअसल उन्नाव में हादसे का शिकार हुई बस के दो दर्जन से अधिक चालान हो चुके थे लेकिन उसके बाद भी बस को सीज नहीं किया गया था। अफसरों से सेटिंग से ये बस चल रही थी। 

अब परिवहन के उन अधिकारियों, प्रवर्तन दल, आरटीओ, एआरटीओ को नोटिस जारी किया गया है जिनके क्षेत्र में इस बस के चालान हुए थे। इन अफसरों से कहा गया है कि क्यों न आपके खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कराया जाये क्योंकि इतने चालान होने के बाद भी बस कैसे मार्ग पर दौड़ती रही। नोटिस मिलने के बाद एआरटीओ प्रवर्तन की टीम सकते में हैं। 

उसका ये मानना है कि बस का चालान तो प्रवर्तन की टीम ने ही किया, ऐसे में प्रवर्तन टीम की क्या गलती है। गलती इसके आगे के अफसरों की है। उन्नाव में जब से प्राइवेट बस का हादसा हुआ है, तभी से नाकेबंदी करके प्राइवेट बसों की चेकिंग रही है। कानपुर में भी बारा टोल प्लाजा, घाटमपुर टोल प्लाजा समेत विभिन्न टोल पर नाकेबंदी करके चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।

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