शाहजहांपुर: तकनीकी खेती अपना कर कम लागत में अधिक पैदावार लेंगे गन्ना किसान

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गन्ना शोध संस्थान में वैज्ञानिक तकनीकी के गुर सीख रहे किसान

शाहजहांपुर, अमृत विचार। प्रदेश के गन्ना किसान तकनीकी खेती करके कम लागत में ज्यादा पैदावार लेंगे। गन्ना शोध संस्थान में किसानों को तकनीकी खेती के गुर सिखाए जा रहे हैं। दो फरवरी से किसानों का प्रशिक्षण चल रहा है। जिसमें 45 गन्ना उत्पादक जिलों के किसान हिस्सा ले रहे हैं और गन्ना खेती की बारीकियां सीख रहे हैं। अब तक 9225 किसान प्रशिक्षण ले चुके हैं। 

गन्ना शोध परिषद शाहजहांपुर के  निदेशक डॉ. वीके शुक्ल ने कहा कि यह प्रशिक्षण दो फरवरी से चल रहा है, जिसमें अब तक 117 प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से 9225 गन्ना किसानों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इस प्रशिक्षण की विशेषता है कि किसानों को वैज्ञानिकों द्वारा सैद्धान्तिक जानकारी पावर प्वांइट प्रजेंटेशन के माध्यम से देने के साथ-साथ ट्राइकोकार्ड एवं ट्राइकोडर्मा जैसे गन्ना उत्पादन के लिए उपयोगी जैव उत्पाद को प्रयोगशाला में तैयार करते हुए दिखाकर उसकी उपयोगिता बतायी जाती है। इसके साथ-साथ शोध प्रक्षेत्र पर गन्ने की विभिन्न किस्मों की बुवाई की। विभिन्न विधियों, पेड़ी प्रबन्धन व अन्तः फसल के प्रदर्शन प्लाट दिखाकर जानकारी दी जाती है। 

गन्ना खेती में प्रयुक्त होने वाले विभिन्न कृषि यंत्रों को प्रक्षेत्र पर डेमों भी किया जाता है। डॉ. वीके शुक्ल ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक कृषक तकनीकी ज्ञान प्राप्त कर गन्ना खेती को और लाभकर बनायें। उन्होनें कहा कि यह प्रशिक्षण लगातार चलता रहेगा। जनपद मुरादाबाद, सम्भल, रामपुर, बरेली, कासगंज, पीलीभीत, बदायूं, शाहजहांपुर, लखीमपुर, सीतापुर, हरदोई, कानपुर, रायबरेली, फर्रुखाबाद, अयोध्या, अम्बेडकरनगर, बाराबंकी, सुल्तानपुर, जौनपुर, बहराइच, गाजीपुर व वाराणसी के किसानों को शाहजहांपुर संस्थान पर और जनपद बलरामपुर, गोण्डा, गोरखपुर, बस्ती, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, देवरिया कुशीनगर, आजमगढ़, बलिया व मऊ के किसानों को सेवरही संस्थान पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 

इसी तरह जनपद सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, मेरठ, बागपत, हापुड़, गाजियाबाद, बुलन्दशहर, अलीगढ़, मथुरा व बिजनौर के किसानों को मुजफ्फरनगर संस्थान पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जनपद में स्थित गन्ना विकास परिषदों की ओर से कृषकों का चयन कर प्रशिक्षण के लिए भेजा जाता है। प्रशिक्षण के लिए इच्छुक कृषक स्वयं संबंधित गन्ना विकास परिषद से संपर्क कर प्रशिक्षण में भाग ले सकते हैं। प्रथम चक्र में प्रदेश के 50 हजार किसानों को प्रशिक्षित किये जाने का लक्ष्य है। 

उन्होंने बताया कि किसानों के लिए यह प्रशिक्षण पूर्णतया निशुल्क है। प्रशिक्षण का संपूर्ण खर्च गन्ना विकास विभाग की ओर से वहन किया जा रहा है। शनिवार को प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनपद शाहजहांपुर के गन्ना विकास परिषद पुवायां, जनपद सीतापुर के गन्ना विकास परिषद महोली के कुल 124 कृषकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण लेने के बाद गन्ना खेती से संबंधित अपने-अपने अनुभव साझा किये।

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