प्रयागराज: मेडिकल पाठ्यपुस्तक के हवाले से दुष्कर्म आरोपी को दी जमानत
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दुष्कर्म से संबंधित एक मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि एक अनुभवहीन व्यक्ति के लिए बिना किसी व्यवधान के सो रहे व्यक्ति को बेहोश करना असंभव है। कोर्ट ने मेडिकल पाठ्यपुस्तक का हवाला देते हुए कहा कि यह किसी समाचार-पत्र में अक्सर प्रकाशित होने वाली कहानी की तरह लगता है, जिसमें एक महिला के चेहरे पर क्लोरोफॉर्म से भिगोए रुमाल को रखकर उसे बेहोश किया जाता है और उसके साथ दुष्कर्म किया जाता है। यह पूर्णतः अविश्वसनीय है।
उक्त आदेश न्यायमूर्ति कृष्ण पहल की एकलपीठ ने रविंद्र सिंह राठौर के खिलाफ पुलिस स्टेशन दादरी, गौतमबुद्ध नगर में आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज मामले में जमानत याचिका स्वीकार करते हुए पारित किया। कोर्ट ने आगे माना कि संविधान के अनुच्छेद 21 द्वारा गारंटीकृत किसी व्यक्ति के जीवन और स्वतंत्रता के अधिकार को केवल इस आधार पर नहीं छीना जा सकता कि उस व्यक्ति पर अपराध करने का आरोप है, जब तक अपराध उचित जांच द्वारा सिद्ध ना हो जाए।
