जिस घर से बेटी की डोली निकालनी थी, उस घर से निकली अर्थी, अंबेडकरनगर की श्रेया का महादेव घाट पर हुआ अंतिम संस्कार

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मां शांतिबोली- बिटिया अफसर बनने गई थी, अब उसकी लाश आई है..., एसडीएम सदर सौरभ शुक्ला ने श्रेया के शव पर माला चढ़ाकर दी श्रद्धांजलि

अंबेडकरनगर, अमृत विचार। जनपद निवासी दिल्ली कोचिंग में हादसे की शिकार हुई छात्रा श्रेया यादव का शव देर रात पैतृक गांव हाशिमपुर बरसावा पहुंचा। शव पहुंचते ही परिजनों के साथ पूरे गांव में कोहराम मच गया। बिटिया का शव देखते हुए मां शांति बेहोश हो गई। वहीं भाई अभिषेक और अन्य परिजन रिश्तेदार रोने बिलखने लगे। इस दौरान मौके पर मौजूद महिलाओं ने मां को संभाला। 

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मृतक श्रेया की मां बार-बार बेहोश हो जा रही थी। जब उन्हें होश आता तो बोल रहीं कि जिस घर से डोली उठनी थी, उस घर से आज बिटिया की अर्थी निकली। मां बोली बिटिया अफसर बनने गई थी, अब उसकी लाश आई है। गांव में हजारों नम आंखों ने अपने होनहार बिटिया की अंतिम विदाई दी। इस मौके पर एसडीएम सदर सौरभ ने श्रेया के शव पर माला चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद शव को महादेवा घाट ले जाया गया, जहां परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया है।

श्रेया पढ़ने में थी होशियार :

मृतक श्रेया के भाई अभिषेक ने बताया कि वह शुरू से पढ़ने में होशियार थी। हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा पास करने के बाद बीएससी और एमएससी एग्रीकल्चर से करने के बाद श्रेया राजेन्द्र नगर के राव आईएएस कोचिंग सेंटर में एडमिशन लिया था। दीदी ने मुझसे रक्षाबंधन में आने का वादा किया था।

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