पीलीभीत: 7583 बाढ़ पीड़ित किसानों को मदद की दरकार, प्रशासन कर रहा बजट का इंतजार

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Edited By Amrit Vichar
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1603 हेक्टेयर पर खड़ी फसलें हो गई थी तबाह

पीलीभीत, अमृत विचार। बाढ़ बारिश के दौरान जनपद भर में 1603 हेक्टेयर से अधिक रकबे में खड़ी कृषि फसलें तबाह हुई है। कृषि विभाग द्वारा सर्वे कर प्रभावित किसानों का डाटा फीड किया जा चुका है, लेकिन अभी तक किसानों को कृषि फसलों के हुए नुकसान का मुआवजा नहीं मिल सका है। प्रशासन बजट के आने का इंतजार कर रहा है। अफसरों के मुताबिक बजट मिलते ही किसानों के खातों में मुआवजे की धनराशि भेज दी जाएगी।

जनपद में बीतें दिनों हुई भारी बारिश के बाद शारदा और देवहा नदी उफना गई थी। नदियों का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया था। कलीनगर और पूरनपुर तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांवों में हालात बेकाबू हो गए थे। अचानक आई बाढ़ के चलते बाढ़ प्रभावित इलाकों के अधिकांश लोग घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए।

कई लोग बाढ़ में फंस गए तो उन्हें एनडीआरएफ, पीएसी, एसएसबी के सहयोग से सुरक्षित निकालकर बाढ़ शरणालयों में सुरक्षित पहुंचाया गया। कम्युनिटी किचेन के माध्यम से बाढ़ पीड़ितों तक भोजन पहुंचाया गया। हालात सामान्य होने में तीन से चार दिन का समय लग गया। स्थिति काबू में आते ही डीएम संजय कुमार सिंह के निर्देशन में राहत कार्य शुरू किए गए।

बाढ़-बारिश के दौरान हुए नुकसान के आकलन के लिए सर्वे टीमें जुटाई गई। जनपद भर में 75 हजार से अधिक बाढ़ पीड़ितों को चिन्हित करते हुए उन तक राहत किट और जरुरी सामान पहुंचाया गया। बाढ़-बारिश से क्षतिग्रस्त हुए 1028 कच्चे-पक्के मकानों की क्षतिपूर्ति के लिए प्रभावित परिवारों को 48.07 लाख रुपये का मुआवजा दिया जा चुका है।

प्रभावित किसानों का डाटा फीड, बजट मिलते ही मिलेगा मुआवजा

जनपद की कलीनगर और पूरनपुर तहसील के बाढ़ प्रभावित इलाकों में सर्वाधिक कृषि फसलों को नुकसान पहुंचा है। कृषि विभाग द्वारा किए गए सर्वे की रिपोर्ट के मुताबिक जनपद भर में बाढ़-बारिश से 7583 किसानों के 1603.91 हेक्टेयर में खड़ी धान, गन्ने आदि की फसलें तबाह हुई हैं।

कृषि विभाग द्वारा सर्वे के बाद इन प्रभावित किसानों का डाटा फीड कर रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है। प्रशासन बजट आने का इंतजार कर रहा है। अफसरों का कहना है कि बजट आते ही प्रभावित किसानों के खातों में मुआवजे की धनराशि भेज दी जाएगी।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में टीमों द्वारा कृषि फसलों के नुकसान का आकलन करने को सर्वे किया गया था। सर्वे पूरा कर डाटा फीड कर दिया गया है। रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। बजट मिलते ही प्रभावित किसानों के खातों में मुआवजे की धनराशि भेजी जाएगी..., ऋतु पूनिया, एडीएम वित्त।

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