मुरादाबाद: अब ठाकुरद्वारा-नूरपुर की सड़क बनेगी, हिचकोले से राहत

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Edited By Amrit Vichar
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मुरादाबाद,अमृत विचार। अब ठाकुरद्वारा से बिजनौर का सफर आसान होगा। शासन ने इस सड़क की मरम्मत के लिए सोलह करोड़ रुपये मंजूर किये हैं। इससे 53 किलोमीटर लंबी सड़क की सूरत संवारी जायेगी। दो लेन की इस सड़क को एक इंच ऊंचा किया जाएगा। सड़क की थिकनेस दूर होगी और उसे वाहनों के फर्राटा भरने …

मुरादाबाद,अमृत विचार। अब ठाकुरद्वारा से बिजनौर का सफर आसान होगा। शासन ने इस सड़क की मरम्मत के लिए सोलह करोड़ रुपये मंजूर किये हैं। इससे 53 किलोमीटर लंबी सड़क की सूरत संवारी जायेगी। दो लेन की इस सड़क को एक इंच ऊंचा किया जाएगा। सड़क की थिकनेस दूर होगी और उसे वाहनों के फर्राटा भरने लायक तैयार किया जायेगा।

लोक निर्माण विभाग खंड प्रथम को यह काम मिला है। बुधवार से गुरुवार के बीच इस कार्य का टेंडर होगा। इसकी मंजूरी के साथ ही सड़क की मरम्मत शुरू करा दी जायेगी। ऐसा होने के बाद हाईवे का सफर आसान और मनपसंद हो सकेगा। सफर करने वालों को कारों में झटका नहीं लगेगा। जिले की इकलौती सड़क की मरम्मत को सरकार तैयार हुई है। जबकि दर्जन भर से अधिक सड़कों की बदहाली को लेकर विभाग की ओर से मुख्यालय रिपोर्ट भेजी गयी थी। केवल इस कार्य को मंजूरी मिली है।

सूत्रों का कहना है कि टेंडर के बाद कार्य का ठेका होगा। इस दौरान सड़क की ऊपरी सतह नये मानक पर तैयार होगी। इस दौरान सड़क के गड्डे भरे जायंगे और मौजूदा सड़क को एक इंच यानी ढ़ायी सेंटीमीटर ऊंची की जाएगी। यह सड़क ठाकुरद्वारा-स्योहारा होते हुए नूरपुर जाती है। लोक निर्माण विभाग को 53 किलोमीटर लंबी सड़क की मरम्मत के लिए सोलह करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं।

सैलानियों की दिक्कत होगी दूर
यह सड़क पर्यटन में सैलानियों की खास दिक्कत दूर करेगी। बिजनौर से इस रास्ते लोगों को नैनीताल जाने में सड़क की बदहाली परेशान करती है। इस वजह से बिजनौर की ओर से आने वाले लोगों को मुरादाबाद का रुख करना पड़ता है, लेकिन सड़क की दशा सुधरने के बाद सड़क का सफर आसान हो सकेगा। अभी सहारनपुर और मेरठ की ओर से आने वाले वाहन इस खराब सड़क पर खतरे से होकर लोगों को मंजिल तक पहुंचाते है।

लक्ष्मीनारायाण, एक्सईएन (लोक निर्माण विभाग) ने बताया कि कोरोना काल की वजह से विभाग ने जिले में इकलौता प्रोजेक्ट मंजूर किया है। निर्माण के लिए ठाकुरद्वारा-नूरपुर मार्ग की मरम्मत का धन अवमुक्त हो गया है। दो रोज के भीतर अगर टेंडर फाइनल हो गया जो जल्द कार्य शुरू हो जाएगा। अगर टेंडर मंजूर नहीं हुआ तो फरवरी में काम होगा, क्योंकि देर होने पर सीजन आफ हो जायेगा।

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