रवि प्रकाश हत्याकांड: पूछताछ के नाम पर बालिका को थाने में बैठाया, चर्चा हुई आम तो छोड़ा

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हत्यारों का नाम लेते वीडियो वायरल होने पर हरकत में आई थी पुलिस

बंडा, अमृत विचार। गांव देवकली निवासी रवि प्रकाश सिंह हत्याकांड मामले में हत्यारों का नाम लेते और आंखों के सामने हुई घटना का जिक्र करते हुए बालिका का वीडियो वायरल हुआ है। इसके बाद पुलिस ने बालिका को हिरासत में ले लिया। जब इस मामले में चर्चा आम हुई तो पूछताछ के बाद बालिका को छोड़ दिया गया। इस मामले में सात नामजद आरोपियों में से पुलिस केवल एक आरोपी को जेल भेज पाई है, बाकी आरोपी अभी जांच के दायरे में हैं। इससे पुलिस खुद कठघरे में खड़ी नजर आ रही है।

बंडा के गांव देवकली निवासी राजवीर सिंह का गांव के ही आशीष सिंह, भारत सिंह, शेर सिंह, सुंदर सिंह, ऋषिपाल सिंह, सेठपाल व अरविन्द से जमीनी विवाद चल रहा था। आरोप है कि इसी विवाद के चलते राजवीर सिंह के 28 वर्षीय पुत्र रवि प्रकाश सिंह की आरोपियों ने नौ जुलाई की रात चारपाई से बांधकर पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रविप्रकाश के शरीर में चोट के निशान पाए गए थे। पिता की तहरीर पर पुलिस ने उक्त सात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। इसके बाद बंडा पुलिस ने 11 जुलाई को एक आरोपी शेर सिंह को पकड़कर जेल भेज दिया था और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के नाम पर जांच की बात कह कर मामले को ठंडे बस्ते में डाले हुए थी। 

इसी बीच आरोपियों के ही परिवार की एक 13 वर्षीय बालिका ने पुलिस की जांच के दायरे पर पानी फेर दिया। बालिका का रवि प्रकाश हत्याकांड को लेकर एक वीडियो वायरल हो गया, जिसमें व तीन लोगों का नाम लेने के साथ ही कह रही है कि सभी ने रवि प्रकाश को चारपाई से बांधकर पीटा, इस घटना को उसने खुद अपनी आंखों से देखा है। वीडियो वायरल होते ही बंडा पुलिस ने बालिका को हिरासत में ले लिया और उसे थाने ले आई। इस घटना से क्षेत्र के लोगों में पुलिस के खिलाफ रोष व्याप्त हो गया। 

लोगों का कहना था कि बालिका से पूछताछ करने के लिए उसे थाने लाने की क्या जरूरत थी, उससे उसके परिवार वालों के सामने घर में ही वायरल वीडियो अथवा घटना के संबंध में जानकारी की जा सकती थी। अवोध बालिका के मन में पुलिस की छवि बेहतर नहीं बनेगी है बल्कि उसके मन में पुलिस को लेकर डर घुस जाएगा। पुलिस की इस कार्रवाई पर जब लोगों की इस तरह की चर्चा आम हुई तो पुलिस ने हाथ पीछे खींच लिए और आनन-फानन में बालिका को उसके घर भिजवा दिया गया। बता दें कि रविप्रकाश साधन सहकारी समिति में चौकीदार था।  

बंडा पुलिस पर उठ रहे सवाल 
25 दिन से ज्यादा बीत जाने के बाद भी आज तक पीड़ित राजवीर अपने बेटे के हत्यारों को उनके किए की सजा दिलाने के लिए दर दर की ठोकरें खा रहा है। पुलिस ने अभी तक एक आरोपी को पकड़ा है, बाकी छह आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की है। इससे पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। रवि प्रकाश हत्याकांड में बंडा पुलिस पर पहले भी मृतक के पिता राजवीर ने भी जमीनी विवाद को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया था और पुत्र की हत्या किए जाने की आशंका जाहिर की थी। अंत में वहीं हो गया, जिसकी उसे आशंका थी, अब पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है। 

वायरल वीडियो के मामले में बालिका को पूछताछ के लिए थाने लाया गया था, जिसे घर भिजवा दिया गया है-राकेश कुमार मौर्या, थाना प्रभारी

बालिका को थाने में बैठाए रखना गलत है, थाना प्रभारी को बात करके बालिका को तत्काल उसके घर भिजवाया जाएगा-पंकज पंत, सीओ पुवायां

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