गोंडा : सड़कें खराब मिली तो अफसरों की जेब से होगी वसूली- सीएम
- जल निगम के अधिशासी अभियंता को सीएम ने दी चेतावनी, गोंडा में सीएम योगी ने की विकास योजनाओं की समीक्षा, कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
गोंडा, अमृत विचार। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोंडा में विकास योजनाओं की समीक्षा के दौरान कहा कि आज के बाद कहीं सड़क खराब मिली तो अधिकारियों की जेब से पैसे की वसूली की जायेगी। दरअसल समीक्षा के दौरान विधायकों ने मुख्यमंत्री को बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत जो पाइप बिछायी जा रही है उससे सड़के क्षतिग्रस्त हो रही हैं।
इस पर सीएम वने जल निगम के अधिशासी अभियंता को कड़ी फटकार लगाते हुए सड़कों को दुरुस्त कराने का निर्देश दिया। विकास योजनाओं के संचालन और कानून व्यवस्था की स्थिति जांचने के लिए सोमवार को गोंडा पहुंचे सीएम योगी ने देवीपाटन मंडल के चारों जिलों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
बैठक में विधायकों ने बदहाल बिजली आपूर्ति का मुद्दा उठाया तो सीएम ने अधीक्षण अभियंता को फटकार लगाते हुए आपूर्ति सुधार के निर्देश दिए।
परिषदीय स्कूलों में बच्चों का नामांकन कम होने पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जतायी तो नहरों में पानी न आने की शिकायत पर भी सिंचाई विभाग के अभियंता को कड़ी फटकार लगायी। दो घंटे तक चली इस मैराथन बैठक में सीएम ने विकास कार्यों के अलावा कानून व्यवस्था, बाढ़ राहत, जल जीवन मिशन, वनटांगिया, शिक्षा और राजस्व से जुड़े मामलों के साथ मंडल की बड़ी परियोजनाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन राजकीय मेडिकल कालेज का निरीक्षण भी किया और लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया।
बैठक में गोंडा जिले के अफसर शामिल हुए जबकि बलरामपुर ,बहराइच व श्रावस्ती के अधिकारी विडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से विकास योजनाओं की सिलसिलेवार जानकारी ली। स्कूल चलो अभियान की समीक्षा में बच्चों का नामांकन कम होने पर सीएम ने नाराजगी जाहिर की और नामांकन बढाने का निर्देश दिया। बहराइच स्थित वन टीम दिया गांव को राजस्व गांव का दर्जा नहीं मिलने पर उन्होने राजस्व से जुड़े अफसरों को फटकार लगायी और गांव को राजस्व गांव का दर्जा दिए जाने का निर्देश दिया। जल जीवन मिशन की समीक्षा को दौरान विधायकों ने कहा कि जल निगम ने पाइप डालने के दौरान अधिकतर सड़कों को क्षतिग्रस्त कर दिया है। इस पर मुख्यमंत्री ने जल निगम के अधिशासी अभियंता को फटकार लगाते हुए कहा कि कहीं सड़क खराब हुई तो तुम्हारी जेब से पैसा वसूला जायेगा।
बिजली मुद्दे पर सीएम ने कहा कि जब पर्याप्त बिजली दी जा रही है तो यहां कटौती क्यों हो रही है। लोगों को पर्याप्त मात्रा में बिजली मिलना चाहिए। नहरों में पानी न होने की शिकायत पर भी सीएम ने नाराजगी जाहिर की। समीक्षा बैठक में कैसरगंज सांसद करन भूषण सिंह, सदर विधायक प्रतीक भूषण सिंह, मेहनौन विधायक विनय कुमार द्विवेदी, करनैलगंज विधायक अजय सिंह ,तरबगंज विधायक प्रेम नरायन पांडेय, गौरा विधायक प्रभात वर्मा, मनकापुर विधायक रमापति शास्त्री, कटरा विधायक बावन सिंह, देवी पाटन मंडल के कमिश्नर शशि भूषण लाल सुशील, एडीजी गोरखपुर रेंज, डीआईजी देवी पाटन मंडल अमरेंद्र प्रसाद सिंह, डीएम नेहा शर्मा, एसपी विनीत जायसवाल, सीडीओ एम अरुन्मौली समेत अन्य अफसर मौजूद रहे।
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