प्रयागराज : केशव प्रसाद मौर्य के खिलाफ दाखिल याचिका पर फैसला सुरक्षित
प्रयागराज, अमृत विचार। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के विवादित बयान को लेकर दाखिल याचिका पर बुधवार को सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया है। वर्तमान जनहित याचिका अधिवक्ता मंजेश कुमार यादव द्वारा दाखिल की गई थी और उनके पक्ष को सुनने के बाद मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और विकास बुधवार की खंडपीठ ने फैसला सुरक्षित कर लिया है। कोर्ट ने कहा कि अभी इस मामले में राज्य सरकार का पक्ष सुनने की जरूरत नहीं है।
दरअसल 14 जुलाई 2024 को उपमुख्यमंत्री ने अपने एक बयान में कहा था कि सरकार से बड़ा संगठन होता है। इसी विवादित बयान को लेकर 31 जुलाई को एक जनहित याचिका दाखिल की गई, जिसमें कोर्ट को बताया गया कि उपमुख्यमंत्री का यह कथन उनके पद की गरिमा को कम करता है, साथ ही सरकार की पारदर्शिता पर संदेह उत्पन्न करता है।
इसके अलावा उपमुख्यमंत्री बनाए जाने से पहले उन पर 7 आपराधिक मामले दर्ज हैं। ऐसी आपराधिक छवि वाले किसी भी व्यक्ति को किसी संवैधानिक पद पर नियुक्त करना अनुचित है, साथ ही डिप्टी सीएम के बयान पर भाजपा, राज्यपाल और चुनाव आयोग द्वारा कोई प्रतिक्रिया न देना या उनके बयान का खंडन ना करना इस मुद्दे को और जटिल बनाता है।
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