लखीमपुर खीरी : जिला अस्पताल में अचानक पहुंचीं डीएम तो खुल गई व्यवस्थाओं की पोल, जमकर फटकारा

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Edited By Pradeep Kumar
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सीएमएस डॉ. आरके कोली को जमकर फटकारा, तीन दिन का दिया अल्टीमेटम

लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं की पोल उस समय खुल गई, जब जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने अचानक शुक्रवार की सुबह 08.50 बजे निरीक्षण कर लिया। अस्पताल में पसरी गंदगी, शौचालयों की दुर्दशा और वार्डों में गंदगी के अलावा गंदी चादरें और तकिए देख डीएम हैरान रह गईं। अस्पताल प्रशासन की ओर से मौजूद सीएमएस डॉ. राज कुमार कोली की जमकर फटकार लगाई और कड़ी चेतावनी देते हुए तीन दिन में व्यवस्थाएं सुधारने को कहा।

मोतीपुर, ओयल स्थित जिला अस्पताल में डीएम के पहुंचने की किसी को भनक तक नहीं लग पाई, जिससे ओपीडी कक्ष में डॉक्टर और कर्मचारी तक मौजूद नहीं थे। पर्चे बन रहे थे, लेकिन अव्यवस्था थी। पर्चा काउंटर पर कार्मिक राजेंद्र मिश्रा अनुपस्थित मिले। डीएम ने वहीं एक तीमारदार से जानकारी की तो बताया गया कि नौ बजे तक कोई भी डॉक्टर भ्रमण पर नहीं आता है। इस दौरान डीएम ने सीएमएस डॉ. राज कुमार कोली की क्लास लगाई। डीएम ने उपस्थित पंजिकाएं भी अपने कब्जे में ली। अनुपस्थित डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ का वेतन रोकने के निर्देश दिए। इसके बाद डीएम आगे बढ़ीं। वार्ड में मरीजों की फाइल पर भी डॉक्टर के देखने के समय आदि का कोई उल्लेख नहीं था। डीएम ने सीएमएस को संबंधित डॉक्टरों से स्पष्टीकरण लेकर अवगत कराने और फाइल पर भ्रमण का नियमित ब्योरा दर्ज करने का निर्देश दिया। डीएम ने सीएमएस डॉ. आरके कोली से पूछा कि इतनी गंदगी क्यों है? इस तरह के गंदे शौचालय का वह लोग प्रयोग कर सकते हैं? साथ ही निर्देश दिए कि जबतक शौचालय साफ न हो, तब तक मरीज व तीमारदार चिकित्सको व पैरामेडिकल के लिए बने शौचालयों का प्रयोग करेंगे। सीढ़ियों पर पान की पीक पड़े होने पर नाराजगी जताई। निर्देश दिए कि ऐसा करने वाले से 200 की जगह 2000 का जुर्माना वसूला जाए, ताकि इसकी पुनरावृत्ति ना हो।

मरीजों से पूछा, किसी ने रुपये तो नहीं मांगे
निरीक्षण के दौरान आठ वर्षीय पुत्री रेशमा को रेबीज का दूसरा इंजेक्शन लगवाने अस्पताल पहुंचे ओमप्रकाश से डीएम ने जाना कि इंजेक्शन लगवाने के लिए किसी ने रुपये तो नहीं लिए। जवाब आया नहीं साहब! इसी तरह कई अन्य मरीजों से भी रुपये मांगे जाने की जानकारी की। हालांकि सभी ने कहा कि किसी ने रुपये नहीं मांगे। 

100 लोगों के बैठने की व्यवस्था का निर्देश दिया
अस्पताल में 100 लोगों के बैठने की व्यवस्था करने को कहा। चिकित्सालय में रिफ्लेक्टर लाइट वाली साइन एज लगवाने के निर्देश दिए। चिकित्सालय भवन के बाहर तत्काल सीवर टैंक को ढकवाने के निर्देश दिए। एंट्री-एग्जिट प्वाइंट्स पर फ्लोर मैट डलवाएं। 

एक घंटे खुद राउंड लें सीएमएस
सीएमएस को निर्देश दिए कि सुबह एक घंटे राउंड लेकर एक-एक मरीज से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करें। रिसेप्शन के पास स्वास्थ्य संबंधी स्वास्थ्य संबंधी आईईसी सामग्री को प्रदर्शित किया जाए। वेटिंग एरिया में सीटिंग अरेंजमेंट को प्रॉपर करवाएं।

एक घंटे से ज्यादा समय तक रहीं डीएम
जिला अस्पताल में करीब एक घंटे से ज्यादा समय तक निरीक्षण के दौरान डीएम ने पर्ची काउंटर, पुरुष सर्जिकल वार्ड, पुरुष ऑर्थो वार्ड, डेंगू वार्ड, इमरजेंसी, ड्रेसिंग रूम, सर्जन कक्ष, दवा वितरणकक्ष, इंजेक्शन कक्ष, पैथोलोजी कक्ष, ओपीडी कक्ष, जनरल महिला व पुरुष वार्ड, टायलेट मेल व फीमेल, आपातकालीन कक्ष का निरीक्षण किया। डीएम ने निर्देश दिए कि आमजन की सुविधा के लिए प्रवेश द्वार पर नागरिक चार्टर प्रदर्शित किया जाए। सीसीटीवी के साथ पहुंच मार्गों की रोशनी, बड़े पैमाने पर अस्पताल का नाम प्रदर्शित किया जाए। प्रतीक्षालय में बैठने की पर्याप्त व्यवस्था/स्वास्थ्य संबंधी आईईसी और सुविधा संबंधी जानकारी प्रदर्शित करने के लिए एलसीडी का प्रयोग किया जाये। सभी खिड़कियों में तार की जाली लगाई जाए।

तीन वृद्ध निराश्रित मरीजों की जानी कुशलता, स्वस्थ होने पर भेजे वृद्धाश्रम
डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने वार्ड के निरीक्षण के दौरान तीन वृद्ध निराश्रित मरीजों से मुलाकात कर कुशलता जानी। संवाद में पाया कि उनका हाल खबर लेने वाला घर परिवार में कोई नहीं है। इस पर डीएम ने सीएमओ डॉ संतोष गुप्ता को निर्देश दिए की स्वस्थ होने के उपरांत जिला समाज कल्याण अधिकारी से समन्वय कर तीनों वृद्धजन को वृद्धश्रम भिजवाए। समाचार लिखे जाने तक समाज कल्याण विभाग द्वारा तीनों वृद्धजनों को वृद्ध आश्रम शिफ्ट कर दिया गया।

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