बरेली: अगर आपका बच्चा भूलने लगे तो हो जाएं सतर्क, हो सकती है ये बीमारी
बरेली, अमृत विचार। बचपन में यदि आपका बच्चा भूलने लगे तो हो सकता है कि वह ऑटिज्म रोग का शिकार हो। भूलने की यह बीमारी बचपन में ही अपना असर दिखाने लगती है। ऑटिज्म से ग्रस्त लोगों को दूसरे लोगों से बातचीत करने और घुलने-मिलने में समस्या होती है। इनका स्वभाव, बातचीत करने का तरीका …
बरेली, अमृत विचार। बचपन में यदि आपका बच्चा भूलने लगे तो हो सकता है कि वह ऑटिज्म रोग का शिकार हो। भूलने की यह बीमारी बचपन में ही अपना असर दिखाने लगती है। ऑटिज्म से ग्रस्त लोगों को दूसरे लोगों से बातचीत करने और घुलने-मिलने में समस्या होती है। इनका स्वभाव, बातचीत करने का तरीका भी आम इंसानों से भिन्न होता है। आम तौर पर अभिभावक यह पहचान नहीं पाते कि बच्चा ऑटिज्म का शिकार बन चुका है। बच्चा जैसे-जैसे बड़ा होता है, वैसे ही उसके व्यवहार में बदलाव आ जाता है। तब अभिभावकों को इसका पता चलता है।
मनोचिकित्सक डॉ. आशीष के अनुसार जिन लोगों में ऑटिज्म के लक्षण होते हैं वे अपने आसपास के लोगों और माहौल के प्रति उदासीन हो जाते हैं। अक्सर खुद को किसी न किसी तरह नुकसान पहुंचाते हैं।
दरअसल, कोविड अनलॉक के बाद इस बीमारी से ग्रसित मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी देखी गई है। इसमें भी बच्चों की संख्या ज्यादा है। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों में आटिज्म की दिक्कत देख चिकित्सक भी हैरान हैं।
चिकित्सक डॉ. अजय मोहन ने बताया कि अगर समय पर इसका सही इलाज न किया जाए तो यह बहुत खतरनाक हो सकता है और मिर्गी का कारण भी बन सकता है। आगे चलकर रोगी अपना अहित भी कर सकता है। इसके चलते ही ऐसे मरीजों के लक्षण के आधार पर उन्हें मनोचिकित्सक या मानसिक अस्पताल जाने की सलाह दे रहे हैं।
ये हैं लक्षण
– बार-बार सिर हिलाना
– एक ही तरह का व्यवहार या आवाज बार-बार करना
– देर तक एक ही तरफ देखते रहना
– बार-बार हिलना
– एक ही तरह का बॉडी पॉस्चर रखना
