Gen-Z और Millennials पर कैंसर का खतरा अधिक, 17 तरह के कैंसर का हो रहे शिकार, रिसर्च में हुआ खुलासा

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचारः दुनियाभर में कैंसर के मामले काफी तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। इसमें भारत भी पीछे नहीं है। साल दर साल बड़ी संख्या में लोग इस खतरनाक और जानलेवा बीमारी के शिकार हो रहे हैं। इस बीमारी में कोशिकाएं काफी तेफी तेजी से बढ़ने लगती हैं और धीरे-धीरे ट्यूमर या कैंसर का रूप ले लेती हैं। कैंसर का पता शुरुआती समय में नहीं चल पाता है। आगे चलकर यह विक्राल रूप ले लेता है। इसके कई कारण होते हैं। वैसे से तो कैंसर कई वजाह से हो सकता है, लेकिन सबसे प्रमुख कारण लाइफस्टाइल है। इसी को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है।

नए अध्ययन के मुताबिक जेनरेशन Z और मिलेनियल्स पर 17 तरह के कैंसर का खतरा काफी ज्यादा है। रिसर्च में बताया है कि मोटापा भी कैंसर की एक बड़ी वजह है। कैंसर फैक्ट्स एंड फिगर्स 2024 के अनुसार अमेरिका में  इस साल 2,001,140 नए कैंसर केस और 611,720 लोगों की कैंसर मौत का अनुमान लगाया जा रहा है। कौन-कौन से हैं यह कैंसर आइए इनके बारे में जानते हैं।

Gen Z और मिलेनियल्स में कैंसर का खतरा अधिक

अमेरिकन कैंसर सोसाइटी की रिसर्च के मुताबिक 34 तरह है। इसमें से युवाओं में 17 तरह के कैंसर युवाओं में तेजी से बढ़ रहे हैं. इनमें पुरुषों में एनल, यूटेरिन कॉर्पस, कोलन और रेक्टल, गॉल ब्लेडर और अन्य बाइल, पैनक्रियाज, मायलोमा, नॉन-कार्डिया गैस्ट्रिक, किडनी और रीनल पेल्विस, टेस्टिस, ल्यूकेमिया और कपोसी सारकोमा जैसे कैंसर शामिल हैं. वहीं महिलाओं में एस्ट्रोजन रिसेप्टर पॉजिटिव ब्रेस्ट, ओवरी, लिवर, गैस्ट्रिक कार्डिया, छोटी आंत, इंट्राहेपेटिक बाइल डक्ट, नॉन-HPV- असोसिएटिव ओरल और फैरिक्स कैंसर का खतरा  सबसे ज्यादा है।

Gen Z में क्यों ज्यादा समस्या
स्टडी के अनुसार 1950 के दशक के आखिरी में पैदा हुए लोगो के मुकाबले, जो लोग 1990 के दशक की शुरुआत में पैदा हुए उन लोगों में किडनी, छोटी आंत और पैनक्रियाज के कैंसर के मामले 2 से 3 गुना अधिक थे। वहीं 50 के दशक में जन्मीं महिलाओं में मिलेनियल्स के कंपैरिजन में लिवर, ओरल और गले के कैंसर का रिस्क काफी कम था। जबकी 1950 के दशक में जन्मीं महिलाओं में गर्भाशय कैंसर का खतरा 169 प्रतिशत ज्यादा है।

कैंसर का प्रमुख कारण क्या है
-खराब लाइफस्टाइल
-प्रोसेस्ड फूड्स, बाहर का खाना
-स्क्रीन टाइम का बढ़ना
-नींद पूरी न होना
-मोटापा

कैंसर का इलाज पॉसिबल?

डॉक्टर्स के मुताबिक कैंसर से बचने के लिए समय ज्यादा जरूरी है अपने खानपान का विशेष ध्यार रखा जाए। बीमारियों की जांच और स्क्रीनिंग बेहद जरूरी है। अगर कैंसर का पता समय पर पता लग जाए तो लोगों को बचा पाना आसान हो जाएगा। कई सारे कैंसर ऐसे हैं जिन्हें समय से अगर ट्रीट किया जाए तो उसे आसानी से रोका जा सकता है। कैंसर से बचने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है अवेयरनेस। युवाओं को अपना खानपान और लाइफस्टाइल बेहतर करने की जरूरत है। 

Disclaimer: यह खबर रिसर्च की जानकारी और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से एक बार सलाह जरूर ले लें।

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