अयोध्या: सूरज दुबे हत्याकांड में पांच दोषी करार, हथौड़े और डंडे से पीटकर की गई थी व्यक्ति की हत्या
अयोध्या कार्यालय, अमृत विचार। पूराकलंदर थाना क्षेत्र के बहुचर्चित सूरज दुबे हत्याकांड में पूर्व जिला पंचायत सदस्य समेत पांच लोगों को कोर्ट ने हत्या समेत अन्य धाराओं में दोषी पाते हुए जेल भेज दिया। सजा के प्रश्न पर सुनवाई 16 अगस्त को होगी। फैसला विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर कोर्ट मोहिंदर सिंह की अदालत में बुधवार को हुआ।
विशेष लोक अभियोजक विकास शुक्ला ने बताया कि घटना 7 फरवरी 2022 की है। पारा कैल गांव के रहने वाले अखंड प्रताप दुबे उर्फ शक्ति अपने चाचा सूर्य प्रकाश दुबे उर्फ सूरज के साथ बाइक से कचहरी जा रहे थे। जब वह शिवनंदन का पुरवा पिपरा लाल के पास पहुंचे तो भदरसा की ओर से क्वालिस गाड़ी में बैठे हरिपाल वर्मा पूर्व जिला पंचायत सदस्य निवासी छतिरवा मजरे मझौली, राम सुधार यादव उनका लड़का हिमांशु निवासी पाराकैल व दो अन्य अज्ञात व्यक्ति गाड़ी रोक कर अपने हाथ में डंडा और हथौड़ा लेकर उतरे। अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए बाइक को गिरा दिए और सूर्य प्रकाश दुबे व सूरज को बेरहमी से पीटा। जिससे सूरज दुबे की मौके पर ही मौत हो गई। इसकी रिपोर्ट अखंड दुबे ने हरिपाल वर्मा, राम सुधार यादव, हिमांशु व अज्ञात लोगों के खिलाफ लिखाई थी। विवेचना में विवेचक ने दिनेश यादव निवासी तकसरा थाना इनायत नगर, राजकुमार निवासी मऊ शिवाला छता का पुरवा, ओमप्रकाश पांडेय निवासी कैल केशवपुर विजय कुमार यादव उर्फ आरिफ निवासी डाभा सेमर के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में आरोपपत्र दाखिल किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने इस प्रकरण में गिरोह बंद अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने ओमप्रकाश और विजय यादव को दोष मुक्त कर दिया जबकि अन्य पांचो को दोष सिद्ध किया।
फैसला सुनते ही राजकुमार बेहोश और हरिपाल आपे से बाहर
इस मामले में जज के फैसला सुनाने के बाद कोर्ट रूम में बने कटघरे में राजकुमार बेहोश होकर गिर पड़ा। उसे पुलिसकर्मियों ने पानी का छीटा मारा तब वह होश में आया। पूर्व जिला पंचायत सदस्य हरिपाल वर्मा आपे से बाहर हो गए उन्होंने कहा की जो मर्डर करने में थे उन्हें दोष मुक्त कर दिया गया और जो निर्दोष थे, उन्हें सजा दे दी गई।
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