कासगंज: भ्रष्टाचार वो भी तिरंगे की आड़ लेकर...मुफ्त बंटने थे राष्ट्रीय ध्वज फिर भी लिया शुल्क
गंजडुंडवारा में आंगनबाडियों से झंडे की एवज में लिए गए 30-30 रुपए
कासगंज, अमृत विचार। आंगनबाडी केंद्रो पर भ्रष्टाचार का बोलबोला है। स्वतंत्रता दिवस पर वितरण को आए निशुल्क राष्ट्रीय ध्वज देने के नाम पर प्रत्येक परियोजना केंद्र से दस- दस हजार रुपए लिए गए, जबकि परियोजना केंद्रो से आंगनबाडियों को 30-30 रुपए लेकर बिक्री की गई। स्वतंत्रता दिवस के नाम पर डीपीओ ने हजारों रुपये का खेला कर लिया। इस बात का खुलासा गंजडुंडवारा परियोजना पर तैनात एक सुपरवाइजर और आंगनबाडी कार्यकत्री के पति की दूरभाष पर हुई वार्तालाप की ऑडियो वायरल होने के बाद हुआ है।
स्वतंत्रता दिवस पर हर आंगनबाडी केंद्र पर तिरंगा फहराने की जिम्मेदारी आंगनबाडी बहनों को भी सौपी गई थी, ताकि शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के हर केंद्र पर तिरंगा फहराया जा सके, लेकिन बाल विकास विभाग ने इसमें भी खेला कर लिया। वायरल हुई गंजडुंडवारा सुपरवाइजर और आंगनबाडी कार्यकत्री के पति की फोन पर वार्तालाप में साफ कहा गया है जिले पर हर परियोजना से झंडे पर दस हजार मांगे जा रहे हैं। हम 30-30 रुपए ले रहे हैं। हर कोई आंगनबाडी नहीं दे रही है। साढे तीन सो आंगनबाडी हैं। साढे तीन सो ही झंडे मिले हैं। इस ऑडियो के बाद बाल विकास पुष्टाहार विभाग में हडकंप मच गया। डीपीओ से लेकर सुपरवाइजर एक दूसरे को अपनी अपनी सफाई पेश कर रही हैं। बच्चों के पुष्टाहार पर डाका डालने वाले विभाग ने राष्ट्रीय ध्वज के नाम पर भी हजारो रुपये का खेला कर लिया। साथ ही इस वायरल ऑडियो के बाद विभाग की खूब किरकिरी हो रही हैं। डीपीओ सुशीला यादव ने बताया कि गंजडुंडवारा परियोजना का मामला संज्ञान में आया है। झंडे के नाम पर उगाही हुई है। राष्ट्रीय ध्वज निशुल्क वितरण को आए थे। इस मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
