Rakshabandhan Special: बाजारों में रौनक, चौक में बिकी हीरे की 1.5 लाख की राखी
लखनऊ, अमृत विचार: रक्षाबंधन पर्व 19 को है। रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए बाजारों में रौनक है। शहर के हर प्रमुख बाजारों में भीड़ है। चौक, अमीनाबाद, रकाबगंज, यहियागंज, अमीनाबाद, नाका हिंडोला, आलमबाग, गणेशगंज, हजरतगंज, इंदिरानगर भूतनाथ, अलीगंज डंडहिया, निरालानगर, गोमतीनगर, पत्रकारपुरम समेत सभी बाजारों में राखी की दुकानें सजी हैं। न केवल बाजार सड़कों पर भी अस्थायी दुकानों की भरमार है।
बाजारों में स्टाइलिस्ट डिजाइनर रक्षासूत्रों की भरमार है। स्टोन के ''ब्रेसलेट'' से दुकानें सजी हुई हैं तो चौक, अमीनाबाद समेत शहर के तमाम सर्राफा बाजारों के शोरूम सोने और चांदी की राखियों से पटे पडे़ हैं। बहनें अगर मिठाई नहीं खरीद पाई हैं तो इसका भी इंतजाम रेडीमेड थाली के रूप में बाजार में मौजूद है। थाली में रोली है तो मिश्री के दाने भी। रंग-बिरंगी सूती और रेशमी राखियां भी हैं तो ऐसी राखी जो पूरे साल तक भाइयों के कलाइयों पर सजी रहेगी। बाजारों और मिष्ठान की दुकानों पर तरह-तरह के गिफ्ट आइटम भी खूब बिके।

डायमंड राखी सजेगी भाई की कलाई पर
चौक सर्राफ सिद्धार्थ जैन ने बताया कि आज महंगी राखियों में डायमंड की राखी बिकी है। इसकी कीमत 1.5 लाख रुपये है। खरीदार आलमबाग के हैं। यह पूरी राखी गोल्ड चेन पर है। इस पूरी राखी में डायमंड लगे हैं। दूर से ही यह राखी अपनी विशेष चमक बिखेरती है। इसके अतिरिक्त कई सोने की राखी भी बहनों ने पसंद की है। इनकी कीमत एक लाख रुपये के भीतर है।
1500 रुपये से लेकर 80 हजार रुपये वाली राखियां
चौक सर्राफा के संगठन मंत्री आदीश जैन ने बताया कि चौक में सोने-चांदी की स्टाइलिस्ट राखियां आ गई हैं। इसके खरीदार हैं। 1500 रुपये से लेकर 80 हजार रुपये वाली राखियां बाजार में हैं। सर्राफ सिद्धार्थ जैन, अमृत जैन और सम्यक जैन बताते हैं कि बाजार में सोने और चांदी के रक्षासूत्रों के हल्के से लेकर भारी आइटम हैं। अपने बजट और जेब के हिसाब से इनकी खरीदारी बहनें कर सकती हैं।

पुजन सामग्री की रैडिमेड व्यवस्था
जो बहनें मिष्ठान और पूजन सामग्री नहीं खरीद पाई हैं। उनके लिए भी बाजार में रेडीमेड व्यवस्था है। मोहन राखी वाले शिवम अग्रवाल बताते हैं कि अगर बहन बाहर से आ रही हैं और वह राखियों की थाली सजा नहीं पाई है तो इसके लिए थाली है। इसमें रक्षाबंधन से जुडे़ सभी आइटम हैं। और तो और इस बार थाली के साथ-साथ पाउच भी लाया गया है। एक पाउच में रोली, अक्षत, चंदन, मिश्री और राखी सभी कुछ है। मिष्ठान के तौर पर मिश्री के दाने हैं तो शगुन के लिए अक्षत वाले चावल और टीका लगाने के लिए रोली भी है। राखी साथ में। अगर परिवार बड़ा है तो इसके लिए महज 50 से 60 रुपये का डिब्बा ले लें। इसमें 12 पाउच हैं। करीब 12 से अधिक लोगों का टीका और आसानी से मुंह मीठा हो जाएगा।

बच्चों के लिए गेम और टॉफी वाली राखी
शिवम अग्रवाल के मुताबिक बच्चों के लिए नई राखी आई है। इसमें राखी के साथ-साथ मुंह मीठा करने वाला टॉफी का बंच भी। इसमें पजल गेम भी है। खेल के साथ टॉफी और राखी। बच्चों की टेडी राखी अलग-अलग रंगों में जलती-बुझती है। तो मोटू-पतलू, छोटा भीम, डोरेमान जैसी पुराने स्टाइल वाली घड़ियां भी हैं।
थोक बाजार यहियागंज में 250 रुपये प्रति पीस की अलग-अलग डिजाइन के रक्षासूत्र बाजार में हैं। वहीं पांच रुपये दर्जन से शुरू होकर अलग-अलग कीमतों वाली सूती राखियां भी नए लुक में हैं। यहियागंज के राखी व्यापारी आनंद गुप्ता के मुताबिक मोती की लड़ और रुद्राक्ष वाली रंगीन राखियां पसंदीदा हैं।
