कासगंज : JIO कंपनी के ठेकेदार की मनमानी, सड़को पर खुदाई से राहगीर परेशान

Amrit Vichar Network
Edited By Pradeep Kumar
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कासगंज, अमृत विचार। जिओ कंपनी के ठेकेदार की मनमानी से राहगीर परेशान हैं। जमीन में तार बिछाने के लिए सड़को को खोद कर डाल दिया है। जिससे राहगीर गिर चुटैल हो रहे हैं। बिना सेफ्टी किट के ही ठेकेदार द्वारा मजदूरो से खुदाई का कार्य कराया जा रहा है। 

जिओ कम्पनी के द्वारा किए जा रहे काम में बेहद लापरवाही की जा रही है। जिन सड़कों पर मजदूर गड्डा खोदने का काम कर रहे है, बो मजदूर बिना सेफ्टी किट के साथ काम कर रहे है। अमृत विचार की टीम ने सड़कों पर जिओ कम्पनी के द्वारा कराए जा रहे कामों की हकीकत को देखा, तो हमे मजदूर सड़कों पर बिना सेफ्टी किट के काम करते हुए नजर आए।जैसे ही हमारी टीम की जानकारी जिओ कम्पनी के कर्मी को लगी तो बो मौक़े पर पहुंचा और उसने सभी कर्मियों को तुरंत सेफ्टी किट दी। उन्हें पहनाकर फोटो खींची। अपने उच्च अधिकारी को भेजी। जिससे की कम्पनी को लगे काम मानक के तहत किया जा रहा है, जबकि हकीकत में ऐसा नही था। हम जिओ कम्पनी के कर्मी का जाने का इंतजार करने लगे। फोटो खींचने के बाद जिओ कम्पनी का कर्मी मजदूरों से सेफ्टी किट बापस लेकर चला गया। जिसके बाद मजदूर फिर से बिना सेफ्टी किट के काम करने लगे। कुछ कर्मी जंहा सड़क पर काम चल रहा था, वहाँ से हट गए, सबसे बड़ी बात यह है की अगर काम करते समय किसी मजदूर के साथ कोई हादसा हो जाता है, तो इसका जिम्मेदार कोन होगा। अगर सड़क से गुजरने वाले राहगीर जिओ कम्पनी के द्वारा मानकों को ताख पर रखकर कराये जा रहे कामो से किसी दुर्घटना का शिकार हो जाते है। तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। क्योंकि बीच सड़क पर काम किया जा रहा है। सड़क से गुजरने वाला कोई राहगीर इन गड्डो में गिर जाए या मजदूरों के द्वारा खुदाई में इस्तेमाल किए जा रहे नुकीले और धारधार फावडे और सब्बल की चपेट में आ जाए तो इसकी जिम्मेदारी कोन लेगा। इसका जबाब किसी पर नही है।

ये कहना है व्यापारियों का
जब हमने कुछ स्थानीय दुकानदार दीपक गुप्ता, सुरेश वाष्र्णेय  से बात की तो उन्होंने हमे बताया की ठेकेदार के द्वारा जबरन दुकान के सामने जिओ गड्डा खोद दिया जाता है। जब हम इसका विरोध करते है। तो ये धमकी देते है। जब इनकी गुंडई की शिकायत पुलिस से करते है, तो पुलिस भी इनका साथ देती है। इनके द्वारा खोदे जाने वाले गड्डे हफ्तों तक खुले रहते है। जिससे काफी दिक्क़ते होती है। व्यापार भी प्रभावित होता है। लेकिन सुनने वाला कोई नही है। इनसे कुछ कहो तो ये 10 से 15 लोग एक साथ होते हे जो झगड़ा करने पर आमदा हो जाते है।

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