Avanish Dixit: कानपुर प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष अवनीश दीक्षित और उसके साथियों का डोजियर बनाने की तैयारी...जानें- क्या होता है डोजियर
पुलिस एक-एक बिंदु का डेटा जुटाने में लगी
कानपुर, अमृत विचार। सिविल लाइंस स्थित नजूल की करोड़ों की बेशकीमती जमीन कब्जे के प्रयास के मामले में रिमांड पर चल रहे अवनीश दीक्षित से पूछताछ कर पुलिस उसका डोजियर तैयार कर रही है।
अवनीश के करीबी और मददगार उसे कैसे, कब और किस तरह से मदद करते थे इन चीजों का पूरा डेटा जुटाया जा रहा है। इनमें परिजन, दोस्त, और कुछ अधिवक्ता शामिल हो सकते हैं। वहीं जेल में बंद हिस्ट्रीशीटर मनोज यादव और छात्र सभा के नगर अध्यक्ष राहुल वर्मा का भी डोजियर बनाने की तैयारी है।
आपराधिक गतिविधियों में लिप्त लोगों का डेटा जुटाकर पुलिस आपराधिक रिकॉर्ड फाइल तैयार करती है। डोजियर में प्रमुख रूप से मददगारों, पैरोकारों व कोर्ट में पैरवी करने वालों का ब्योरा होता है। मददगारों के पते से लेकर नंबर और करीबियों तक की जानकारी लिखी जाती है। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि भविष्य में अपरराधी और उससे जुड़े लोगों तक बिना देरी के पहुंचकर सीधे कार्रवाई की जा सके।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि अवनीश से उसके परिजनों, करीबियों, दोस्तों, पैरोकारों और कोर्ट में पैरवी करने वालों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही अवनीश और उसके सभी साथियों का डोजियर तैयार कर लिया जाएगा।
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