मुरादाबाद : मदरसा शिक्षकों को चार साल से नहीं मिला वेतन, सत्यापन को लगी भीड़

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

मुरादाबाद, अमृत विचार। सत्यापन के अलावा अन्य जांचों में हम लोगों को बराबरा हिस्सेदार रखा जाता है, लेकिन जब वेतन की बारी आती है तो केंद्र व प्रदेश सरकार हमारे साथ सौतेलापन करती है। अब भी हम लोगों को चार साल से वेतन नहीं मिला है। चार साल से हम लोग बिना वेतन के ही …

मुरादाबाद, अमृत विचार। सत्यापन के अलावा अन्य जांचों में हम लोगों को बराबरा हिस्सेदार रखा जाता है, लेकिन जब वेतन की बारी आती है तो केंद्र व प्रदेश सरकार हमारे साथ सौतेलापन करती है। अब भी हम लोगों को चार साल से वेतन नहीं मिला है। चार साल से हम लोग बिना वेतन के ही पढ़ा रहे हैं। ऐसा कहना जनपद के मदरसा शिक्षकों का है।

जनपद में लगभग 900 मदरसा शिक्षक हैं। इन दिनों विकास भवन के अल्पसंख्यक विभाग में मदरसा शिक्षकों के अभिलेखों का सत्यापन किया जा रहा है, यहां रोजाना 30 से 40 मदरसा शिक्षक सत्यापन कराने पहुंच रहे हैं। सत्यापन कराने आ रहे मदरसा शिक्षकों का कहना है कि सरकार द्वारा हम लोगों के अभिलेखों का सत्यापन किया जा रहा है, लेकिन सरकार को हमारे वेतन की कोई परवाह नहीं है। हम लोग लगभग चार साल से बिना वेतन के ही अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। मदरसा शिक्षकों ने आरोप लगाया कि अन्य विभागों की तरह हम लोगों का सत्यापन व अन्य जांच होती है, लेकिन वेतन के लिए हम लोगों के साथ सौतेलापन किया जाता है।

दोनों सरकारें देती है वेतन
जनपद के मदरसा शिक्षकों मिलने वाला वेतन केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा दिया जाता है। बताया गया कि परास्नाक शिक्षकों को केंद्र सरकार की ओर से 12 हजार व प्रदेश सरकार की ओर से तीन हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं। इसके अलावा स्नातक मदरसा शिक्षकों को केंद्र सरकार छह हजार व प्रदेश सरकार दो हजार रुपये देती है, लेकिन मदरसा शिक्षकों का कहना है कि पिछले चार साल से हम लोगों को केंद्र व प्रदेश सरकार वेतन नहीं दिया है।

अजीम उल्लाह फरीदी, राष्ट्रीय संयोजक मदरसा शिक्षक यूनियन

काफी वक्त से मदरसा शिक्षक जांच के शिकार बने हुए हैं। कई बार शासन द्वारा जांच कराई जा चुकी है। मदरसा पोर्टल बनाया गया, तब त्रिस्तरीय जांच कराई गयी। वर्तमान में मदरसा शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच हो रही है, हमें जांच से कोई आपत्ति नहीं है। वेतन न मिलने से मदरसा शिक्षक भूखा मर रहा है। सरकार से मिलने वाला बजट 4 वर्षों से रोका हुआ है। सरकार कहीं न कहीं मदरसा शिक्षकों के भुगतान को अनदेखा कर सौतेलापन कर रही है।

 

 

 

 

संबंधित समाचार