मदरसे में नकली नोटों का कारोबार, छाप रहे थे 100-100 के नकली नोट
मौलवी के ठिकाने पर मिली एक लाख की जाली करेंसी
प्रयागराज, अमृत विचार: प्रयागराज के एक मदरसे में चल रहे नकली नोटों के कारोबार का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके पर 100-100 के जाली नोट के एक लाख की जाली करेंसी बरामद की है। जिसमें से एक ओडिशा का रहने वाला है। गिरफ्तार आरोपियों में मदरसे का मौलवी मोहम्मद तफसीरूल भी शामिल है। डीसीपी सिटी दीपक भूकर के मुताबिक थाना सिविल लाइन की पुलिस ने मंगलवार को नकली नोट बनाने वाली गैंग का खुलासा किया है। यह पूरा मामला अतरसुईया का है।
मदरसे मे लगाई गयी थी मशीन
बताया जा रहा है कि मदरसे के अंदर मशीन लगाई गयी थी। मदरसा बंद होने के बाद अंदर छपाई का काम चल रहा था। इस पूरे गैंग का सरगना व मास्टरमाइंड मदरसे का मौलवी है। डीसीपी के मुताबिक मंगलवार को मुखबिर से जानकारी मिली थी। मदरसे में किसी भी बाहरी व्यक्ति को अंदर जाने कि अनुमति नही दी गयीं थी। मामला मदरसे से जुड़ा हुआ था।
मशीन में मिले सबूत के नाम पर जाली नोट
मदरसे के अंदर लगाई गई नकली नोट छापने की मशीनमें कुछ जाली नोट फंसे मिले। डीसीपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में एक उड़ीसा का निवासी है। इस पूरी गैंग का मास्टर माइंड मदरसे का मौलवी बताया गया है। मदरसे में बच्चों की पढ़ाईखत्म होने के बाद नोट छापने का काम किया जा रहा था। मुखबीर के शक होने पर इस कारोबार का खुलासा हो सका है। पुलिस ने छापेमारी के दौरान मदरसे से प्रिटिंग मशीन में नोट छापते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने प्रिंसिपल की संलिप्तता खुलासा किया है। जिसमें मौलवी की संलिप्त्ता बताई जा रही है। जिसकेबाद मदरसे के प्रधानाचार्य को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। पकड़े गए आरोपियों में प्रयागराज के करैली थाना क्षेत्र के अंधीपुर रोड गौसनगर का रहने वाला मो. अफजल (18) पुत्र मोईद अहमद और मोहम्मद साहिद (18) पुत्र अब्दुल गफ्फार गिरफ्तार किए गए हैं। इसके अलावा उड़ीसा का जाहिर खान उर्फ अब्दुल जाहिर पुत्र साजिद खान (23) और अतरसुईया थाना का रहने वाला अतरसुईया मोहम्मद तफसीरूल (25) आरीफीन पुत्र स्व आशिकुल रहमान पकड़ा गया है।
आसपास के बाजारों में करते थे नोट सप्लाई
छापेमारी के दौरान मोहम्मद अफजल के कुर्ते की बाईं जेब से 100-100 के नोट की दो गड्डियां बरामद की गई हैं। इसी तरह मोहम्मद साहिद के पैंट की जेब से नोट बरामद हुए। आरोपी आम आदमी की तरह जाली नोटों की सप्लाई करते थे। उड़ीसा का जाहिर खान नकली नोट बनाने में मास्टर है। मदरसे में उसे अलग से एक कमरा उपलब्ध कराया गया था। मदरसे में बच्चों की छुट्टी के बाद प्रिटिंग मशीन से नोट छापी जाती थी। डीसीपी के मुताबिक इस काम में अफजल उसका पूरा साथ देता था। मदरसे में करीब 3 महीने से नकली नोट छापे जा रहे थे। इस काम में जाहिर ने उड़ीसा के भद्रक में रहने वाले अपने भाई से मदद लिया करता था।
उसका भाई कुछ समय पहले प्रयागराज में आधार कार्ड बनाने का में किया करता था। पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि ये लोग नोट छापने के बाद प्रयागराज के अतरमुईया, कीडगंज, खुल्दाबाद क्षेत्रों में ये नोट चलाये जाते थे। आरोपियों ने बताया कि 100 का नोट आसानी से चल जाता है। इसलिए 100 की नोट को ही छापे जाते थे। इस जाली नोट को युवाओं को 100 रुपए में 3 नोट बेचते थे। डीसीपी सिटी दीपक भूकर ने बताया कि पूरे मामले में जांच की जा रही है। इस सिंडिकेट में और भी कुछ लोग शामिल हैं। इन्होंने अब तक कहां-कहां नोटों की सप्लाई की है। यह पता लगाया जा रहा है। उड़ीसा के युवक का बैकग्राउंड भी खंगाला जाएगा।
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