कानपुर IIT में मानव रहित विमान उड़ाने का दिया जाएगा प्रशिक्षण, प्रोजेक्ट से जुड़ेंगी ये कंपनियां...

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

कानपुर, अमृत विचार। आईआईटी कानपुर में मानव रहित विमान उड़ाए जाने का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण के लिए एचएएल सहित चार कंपनियां इस प्रोजेक्ट से जुड़ेंगी। नई सुविधा के लिए एक विशेष सेटअप तैयार किया जाएगा।

आईआईटी कानपुर में एक स्टार्टअप कंपनी की ओर से इस प्रोजेक्ट को तैयार किया गया है। इसके लिए आईआईटी कानपुर की स्टार्टअप कंपनी एंड्योरएयर सिस्टम्स ने डिफेंस पब्लिक सर्विस अंडरटेकिंग के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया है। 

इस प्रोजेक्ट में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल), ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड (जीआईएल), यत्रं इंडिया लिमिटेड (वीवीएल) और भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) शामिल हैं।

बताया गया कि इस प्रोजेक्ट के तहत उड़ान से जुड़ेक्षेत्र की कंपनियों को सीधा लाभ हो सकेगा। इसके अलावा नए प्रशिक्षुओं को भी इस प्रोजेक्ट से लाभ हासिल हो सकेगा। प्रशिक्षण के दौरान उड़ान से जुड़े विभिन्न सर्वे भी किए जाएंगे। प्रोजेक्ट के लिए डिफेंस कॉरिडोर के तहत यूएएस के लिए दो डीटीआईएस परीक्षण सेटअप स्थापित किए जा रहे हैं। इसमें एक तमिलनाडु रक्षा औद्योगिक गलियारे के तहत चेन्नई और दूसरा उत्तर प्रदेश रक्षा गलियारे के तहत आईआईटी कानपुर में होगा। 

एंड्योरएयर के सहसंस्थापक और आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर प्रो. अभिषेक ने कहा कि एक विशेष परीक्षण सेटअप तैयार किया जाएगा। यूएवी परीक्षण के लिए इनडोर और आउटडोर की आवश्यकता होती है, इसलिए सभी परीक्षण आईआईटी कानपुर की उड़ान प्रयोगशाला में किए जाएंगे।

आईआईटी में स्पेस साइंस की पढ़ाई हो सकेगी

आईआईटी कानपुर में अब स्पेस साइंस की भी पढ़ाई हो सकेगी। इसकी तैयारी अगले सत्र से स्नातक में स्पेस साइंस में ज्वाइंट डिग्री कोर्स शुरू करने की है। फिलहाल यह विषय स्नातक में माइनर कोर्स के रूप में पढ़ाया जा रहा है। स्नातक में मुख्य विषय के रूप में न होकर यह ज्वाइंट डिग्री कोर्स के रूप में शुरू किया जाएगा। 

आईआईटी के वैज्ञानिक अब अंतरिक्ष के रहस्यों को सुलझाने के लिए टीम बनाने की तैयारी में हैं। अभी तक छात्र अंतरिक्ष को जानने के लिए मैकेनिकल या एयरोस्पेस इंजीनियरिंग से बीटेक करते हैं। अब आईआईटी में डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस, प्लैनिटेरी एंड एस्ट्रानामिकल साइंसेज एंड इंजीनियरिंग सेंटर (स्पेस) भी संचालित हो रहा है। 

जिसमें अभी परास्नातक और पीएचडी के कोर्स संचालित हैं। स्नातक में माइनर कोर्स के रूप में स्पेस साइंस का कोर्सचल रहा है। विभागाध्यक्ष प्रो. पंकज जैन ने बताया कि जल्द ही स्पेस साइंस में स्नातक ज्वाइंट डिग्री प्रोग्राम शुरू किया जाएगा। जिसकी तैयारी की जा रही है।

यह भी पढ़ें- Kanpur: ठग ने प्राइवेट कर्मी को बनाया निशाना; क्रेडिट कार्ड एक्टिव करने के नाम पर ऐंठे इतने रुपये...

 

संबंधित समाचार