अयोध्या: हाईवे पर व्यवस्था को मुंह चिढ़ा रहे छुट्टा पशु, लोगों के लिए बन रहे मुसीबत

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Edited By Amrit Vichar
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ट्रेन की चपेट में आए पशुओं की मौत पर भी नहीं जागा प्रशासन 

सोहावल/अयोध्या, अमृत विचार। मुख्यमंत्री का आदेश कहे या जिला अधिकारी का विकास खंड के लिए कोई मायने नहीं रखता। आदेश छुट्टा जानवरों को पकड़ने को लेकर है। जिसे लेकर विकास खंड मुख्यालय कागजों पर बड़े बड़े दावे कर रहा है लेकिन सच्चाई आवारा पशु ही स्वयं दिखा रहे हैं जो हाइवे और रेलवे लाइन के किनारे अपना कब्जा कर विभाग को मुंह चिढ़ाते कहीं भी देखे जा सकते हैं।

गत सप्ताह देवरा कोट के पास लखनऊ-अयोधा रेल रूट पर आधा दर्जन छुट्टा जानवरों की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। ट्रेन डिरेल होने से तो बच गई। इसके बावजूद विभाग ने सबक नहीं लिया। लाइन के किनारे बसे गांवों के आस पास ऐसे जानवरों की भरमार है। हाईवे एनएच 27 का शायद ही कोई मोड़ और फ्लाईओवर हो जिस पर इन छुट्टा जानवरों का बसेरा न मिले जो सड़क दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। अपनी हर बैठक में इसे लेकर मुद्दा बनाने वाले भाकियू के प्रदेश महासचिव फरीद अहमद कहते हैं सारी धर पकड़ केवल जुबानी और कागजों पर हो रही है। सोहावल चौराहा, रौनाही थाना और तो और टोल प्लाजा तहसीनपुर अरकुना, कांटा तक हाईवे सुरक्षित नहीं है।

छुट्टा जानवरों को पकड़वाने का काम चल रहा है। मंगलवार को अलग अलग गांव से 19 पशु पकड़े गए है, इन्हें गोशाला भेजा गया है। सप्ताह भर में इनसे लोगों को मुक्ति मिल जाएगी-भावना यादव, खंड विकास अधिकारी, सोहावल

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