गोंडा: खतरे के निशान से 63 सेमी ऊपर पहुंची घाघरा, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

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Edited By Amrit Vichar
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5.17 लाख क्यूसेक डिस्चार्ज का रविवार को दिखेगा असर

करनैलगंज/गोंडा, अमृत विचार। शुक्रवार से घाघरा नदी में लगातार हो रहे लाखों क्यूसेक डिस्चार्ज से घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 63 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। वहीं शनिवार की सुबह आठ बजे गिरिजा, शारदा व सरयू बैराजों से छोड़े गए सवा पांच लाख क्यूसेक डिस्चार्ज का असर रविवार से दिखना शुरू होगा। जिससे करनैलगंज व बाराबंकी के सरहदी गावों में बाढ़ का पानी पहुंचना शुरू हो जाएगा। 

सीजन के अंतिम समय में घाघरा नदी में आए उफान के चलते बाढ़ खण्ड व प्रशासन सहित बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोग परेशान नजर आ रहे है। बाढ़ से जुड़े सभी विभागों के कर्मियों को अलर्ट कर बाढ़ चौकियों पर पहुंचने के निर्देश जारी किये गए हैं। बाढ़ खंड के अभियंता लगातार बांध पर ही कैम्प कर स्थिति का जायजा ले रहे है। शनिवार को मिले आंकड़ो के अनुसार बैराजों से 5 लाख 17 हजार 767 क्यूसेक पानी घाघरा में छोड़ा जा चुका है। जो मौजूदा सीजन का सबसे अधिक डिस्चार्ज बताया जा रहा है। 

अनुमान है कि यह पानी रविवार को एल्गिन ब्रिज से होकर गुजरेगा। उस समय घाघरा का जलस्तर अपने पीक पर जा सकता है। जबकि शनिवार को ही घाघरा का जलस्तर डेंजर लेबल से 63 सेमी ऊपर पहुंच चुका है। लोगों का अनुमान है कि रविवार को घाघरा का जलस्तर डेंजर लेबल से 1 मीटर तक ऊपर जा सकता है। राजस्व विभाग से मिले आंकड़ो की माने तो अब तक घाघरा ने तहसील करनैलगंज के बहुवन मदार मांझा में करीब 8 सौ बीघा जमीन को काटकर अपनी धारा में समाहित कर चुकी है। नदी की कटान लगातार जारी है। कटान करती हुई नदी बांध के बिल्कुल करीब आ चुकी है। शनिवार को बांध के भीतरी हिस्से में बसे गांवो में पानी भरने का सिलसिला शुरू हो चुका है। आशंका है कि रविवार भोर तक बांध के भीतरी भाग मे बसे गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच जायेगा। यहां के लोगों को सतर्क रहने व आवश्यक सामान सहित बांध पर जाने के लिये तैयार रहने की सलाह दी गयी है।

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