मुरादाबाद : कई डॉक्टर ओपीडी को तैयार नहीं, हो सकती है कार्रवाई

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Edited By Amrit Vichar
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ठाकुरद्वारा के डॉ. नितिन, डॉ. नवनीत की ओपीडी सबसे कमजोर, भगतपुर की डॉ. सैय्यदा खातून वाह्य रोगियों के इलाज में सबसे आगे

मुरादाबाद, अमृत विचार। ग्रामीण क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर तैनात कई डॉक्टर ऐसे हैं, जो रोगियों के इलाज से कतरा रहे हैं। ये हाल नियमित व संविदा पर नियुक्त चिकित्सकों का है। वैसे सभी चिकित्सकों को महीने भर में कम से कम 40 प्रतिशत वाह्य रोगियों का स्वास्थ्य परीक्षण करने का नियम है। इससे कम होने पर वह कार्रवाई के दायरे में आते हैं। लगभग हर महीने कई चिकित्सकों के नाम जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में आते रहे हैं और डीएम के निर्देश पर सीएमओ उन डॉक्टरों को चेतावनी जैसे नोटिस जारी करते रहे हैं। जिसका असर भी शून्य ही है।

अगस्त में सीएचसी के कुल 62 डॉक्टरों की कार्यशैली की रिपोर्ट आई है। इसमें वाह्य रोगियों (ओपीडी) के इलाज संबंधी प्रगति के आंकड़े हैं। किस डॉक्टर ने ओपीडी में कितने रोगी देखे, उनमें नए व पुराने रोगी कितने रहे हैं और उनका प्रतिशत क्या है। इन आंकड़ों पर गौर करें तो ठाकुरद्वारा सीएचसी में डॉ. नितिन आनंद पंत, डॉ. नवनीत बेनवाल और डॉ. रीता की ओपीडी का प्रतिशत जिले के अन्य सीएचसी पर तैनात डॉक्टरों की अपेक्षा सबसे खराब है। डॉ. नितिन आनंद की ओपीडी सबसे कमजोर 7.60 प्रतिशत रही है। संविदा डॉ. नवनीत की ओपीडी का प्रतिशत 10.07 है। डॉ. रीता ने 537 नए व 125 पुराने रोगियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया है। इनकी ओपीडी का प्रतिशत 16.27 रहा है। डॉ. इंतेखाब आलम की ओपीडी 27.40 प्रतिशत रही है। ऐसे ही कुंदरकी के डेंटल सर्जन डॉ. नोमान खान की ओपीडी 18.33 प्रतिशत रही है। हालांकि डॉ. नोमान सप्ताह के तीन दिन जिला अस्पताल में भी सेवाएं देते हैं।

 मूंढापांडे सीएचसी की मेडिकल ऑफीसर डॉ. अर्चना की उपस्थिति 29 दिन की है। इन्होंने इतने दिनों में 455 नए और 122 पुराने रोगियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया है। इनकी ओपीडी का प्रतिशत 19.90 है। ताजपुर सीएचसी के आयुष डॉ. समीउद्दीन की अगस्त में उपस्थिति 30 दिनों की है। इन्होंने 652 नए और 196 पुराने रोगियों का इलाज किया है। इनकी ओपीडी 28.27 प्रतिशत रही है। संविदा डॉ. गुलनाज की ओपीडी का प्रतिशत 29.71 रहा है। इन्होंने 714 नए व 118 पुराने रोगी देखे हैं। इस मामले में डिप्टी सीएमओ डॉ. संजीव बेलवाल ने बताया कि जुलाई में भी कई डॉक्टरों की ओपीडी का प्रतिशत 40 से कम था। उन लोगों के विरुद्ध कार्रवाई हुई थी। अगस्त में जिनकी ओपीडी कम है, उनके संबंध में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में चर्चा की जाएगी।

ओपीडी में टॉप वाले डॉक्टर
पिछले महीने की रिपोर्ट के मुताबिक, भगतपुर सीएचसी में संविदा पर आयुष की डॉ. सैय्यदा खातून ने 123 प्रतिशत ओपीडी कर रिकॉर्ड बना दिया है। इन्होंने 1510 नए व 1452 पुराने वाह्य रोगियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया है। ठाकुरद्वारा सीएचसी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजपाल ने 1436 नए व 378 पुराने वाह्य रोगियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर 97 प्रतिशत ओपीडी की है। डॉ. शिल्पी ने भी मेहनत की।

इन्होंने 1268 नए व 353 पुराने रोगियों का इलाज कर ओपीडी का प्रतिशत 90.63 हासिल किया है। इनकी तरह बिलारी की आयुष चिकित्सक जयश्री ने भी रोगियों के इलाज में बेहतर प्रदर्शन किया। इन्होंने नए 1731 व पुराने 319 रोगियों के इलाज से 85.42 प्रतिशत ओपीडी हासिल की है। भगतपुर टांडा के डॉ. मोहम्मद आलम, ताजपुर सीएचसी प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित सक्सेना, डिलारी के डॉ. देवेश प्रताप सिंह व डॉ. आशीष कुमार सिंह, ठाकुरद्वारा सीएचसी की डॉ. शिएन परवीन, बिलारी के डॉ. दुर्गेश्वर प्रसाद की ओपीडी 70 प्रतिशत से अधिक रही है।

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